अवैध रूप से चल रहीं मीट-मछली की दुकानें

Published at :19 Nov 2015 6:43 PM (IST)
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अवैध रूप से चल रहीं मीट-मछली की दुकानें

अवैध रूप से चल रहीं मीट-मछली की दुकानेंअतिक्रमण की चपेट में हैं शहर की मुख्य सड़केंअतिक्रमण हटाने की दिशा में नहीं किया जा रहा है प्रयासअतिक्रमण की वजह से शहर में लगता है जामप्रतिनिधि, सहरसा सिटीजिला मुख्यालय की मुख्य सड़क अब भी अतिक्रमणकारियों के कब्जे में है. वहीं अतिक्रमणकारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि […]

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अवैध रूप से चल रहीं मीट-मछली की दुकानेंअतिक्रमण की चपेट में हैं शहर की मुख्य सड़केंअतिक्रमण हटाने की दिशा में नहीं किया जा रहा है प्रयासअतिक्रमण की वजह से शहर में लगता है जामप्रतिनिधि, सहरसा सिटीजिला मुख्यालय की मुख्य सड़क अब भी अतिक्रमणकारियों के कब्जे में है. वहीं अतिक्रमणकारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे जिला मुख्यालय क्षेत्र के कई प्रमुख सड़को किनारे अपना स्वामित्व जमा कर बेरोक टोक सरकारी जमीन का अतिक्रमण कर मीट-मछली का व्यवसाय किये हुए हैं. हाई कोर्ट के निर्देश के बावजूद शहर की सड़कों एवं सरकारी जमीन से अतिक्रमणकारियों को हटाने के दिशा में जिला प्रशासन द्वारा कोई ठोस प्रयास होता नजर नहीं आ रहा है. हालांकि कई बार जिला प्रशासन द्वारा शहर की मुख्य सड़क के किनारे अवैध रूप से कब्जा जमाये दुकानदारों को हटाने के लिए आंशिक व सघन रूप से अभियान चलाया गया. लेकिन इस अभियान को मूर्त रूप देने के लिए इन अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कभी भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है. जबकि अवैध अतिक्रमणकारियों से निपटने के लिए हाई कोर्ट द्वारा भी कई तरह के प्रावधान बताये गये हैं. जिसमें एक बार अतिक्रमण हटाने के बावजूद यदि कोई अतिक्रमणकारी फिर से सरकारी जमीन को अतिक्रमण करता है तो उसे बीस हजार रुपये तक जुर्माना वसूलने का प्रावधान है. फिर भी जिला प्रशासन द्वारा शहर की सड़कों से अतिक्रमण को खाली कराने में दिलचस्पी नहीं दिखायी जा रही. जिसके कारण प्रत्येक दिन सिकुड़ चुकी शहरी क्षेत्र की सभी मुख्य सड़कों पर बढ़ती आबादी व छोटे-मोटे वाहनों की संख्या में इजाफा होने से दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है. अपनी ही मरजी से चलती हैं अवैध दुकानें शहर की सभी मुख्य सड़कों के किनारे कुछ लोगों ने अपनी मरजी से ही बूचरखाने खोल लिये हैं. इस कारण लोगों को हमेशा मुंह पर रूमाल लेकर गुजरना पड़ता है. बाबजूद प्रशासनिक कार्रवाइ शून्य है. ऐसी बात नही हैं कि इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को नही है. इस रास्ते से होकर सुबह से शाम तक अधिकारियों की वाहन फर्राटा भरते रहते है. शहर के बनगांव रोड स्थित मीर टोला, गंगजला रेलवे ढाला, सहरसा-मधेपुरा रोड स्थित हटियागाछी, सिमरी बख्तियारपुर स्टैण्ड, कचहरी ढाला, बंगाली बाजार , वीर कुंवर सिंह चौक सहित अन्य सड़कों पर अवैध रूप से कई मीट, मछली व मुर्गा की दुकान खुली हुई है. सड़क किनारे दुकान रहने के कारण खरीदारी करने आने वाले लोगों की बाइक व साइकिल सड़क पर ही लगती है. इससे हमेशा अनहोनी की आशंका बनी रहती है. यदि समय रहते जिला प्रशासन का ध्यान नहीं गया, तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है. फोटो -अतिक्रमण 1, 2 व 3- शहर के गंगजला रेलवे ढाला पर बिक रहा मुरगा व मछली एवं हटियागाछी में सड़क के किनारे कुरसी लगा मछली बेचते दुकानदार

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