रुक छोटे..., मां आ रही है

Published at :19 Nov 2015 6:43 PM (IST)
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रुक छोटे..., मां आ रही है

रुक छोटे…, मां आ रही है गरीबी के कारण आज भी कोसी क्षेत्र के हजारों परिवार फुटपाथ की ज़िंदगी जीते हैं. पुरुष सदस्य गांव के खेत खलिहानों या घर-दुकानों में मजदूरी करते हैं या परदेस में कमाते हैं. ऐसी स्थिति में घर में सिर्फ महिला व बच्चे रह जाते हैं. सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर-रानीबाग में […]

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रुक छोटे…, मां आ रही है गरीबी के कारण आज भी कोसी क्षेत्र के हजारों परिवार फुटपाथ की ज़िंदगी जीते हैं. पुरुष सदस्य गांव के खेत खलिहानों या घर-दुकानों में मजदूरी करते हैं या परदेस में कमाते हैं. ऐसी स्थिति में घर में सिर्फ महिला व बच्चे रह जाते हैं. सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर-रानीबाग में एनएच 107 किनारे एक महिला सब्जी बेचती है. जब दूसरे काम करने होते हैं, तो बच्चों को दुकान की रखवाली के लिए छोड़ जाती है. फोटो । अजय कुमार

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