पुलिस के लिए सिरदर्द बना था लीलसागर

Published at :14 Nov 2015 6:44 PM (IST)
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पुलिस के लिए सिरदर्द बना था लीलसागर

पुलिस के लिए सिरदर्द बना था लीलसागर दर्जनों मामले दर्ज है सहरसा सहित सीमावर्ती जिले के विभिन्न थानों में सहरसा पुलिस को मिली बड़ी कामयाबीगिरफ्तार करने वाली टीम को एसपी करेंगे पुरस्कृत सहरसा सिटी/सोनवर्षाराज. कोसी क्षेत्र में हत्या, लूट व बाइक लूट के लिए जाना जाने वाला अपराधी जम्हरा सोनवर्षाराज निवासी लीलसागर यादव उर्फ नीलसागर […]

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पुलिस के लिए सिरदर्द बना था लीलसागर दर्जनों मामले दर्ज है सहरसा सहित सीमावर्ती जिले के विभिन्न थानों में सहरसा पुलिस को मिली बड़ी कामयाबीगिरफ्तार करने वाली टीम को एसपी करेंगे पुरस्कृत सहरसा सिटी/सोनवर्षाराज. कोसी क्षेत्र में हत्या, लूट व बाइक लूट के लिए जाना जाने वाला अपराधी जम्हरा सोनवर्षाराज निवासी लीलसागर यादव उर्फ नीलसागर यादव के पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है. शुक्रवार की देर शाम अपराधी के गिरफ्तारी की पुष्टि होते ही पुलिस महकमा ने चैन की सांस ली. जानकारी के अनुसार बसनही थानाध्यक्ष मनीष रजक को गुप्त सूचना मिली कि अपराधी महुआ स्थित एक घर में छिपा है. इसके बाद एक टीम गठित कर छापेमारी की गयी तो पुलिस को उसकी गिरफ्तारी के रूप में बड़ी कामयाबी हासिल हुई. –दर्जनों मामले है दर्ज अपराधी लीलसागर पर सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया, खगड़िया सहित अन्य जिलों के विभिन्न थाना में लूट व हत्या के दर्जनों मामले दर्ज हैं. जानकारी के अनुसार सहरसा जिले के सोनवर्षाराज में कांड संख्या 43/05 भादवि 394 के तहत, कांड संख्या 45/05 धारा 25(1-बी)ए, 26,27 आ एक्ट के तहत, कांड संख्या 58/03 भादवि 341, 323, 324, 34 व 3 (एक्स) एससी एसटी एक्ट के तहत, कांड संख्या 90/09 धारा 302, 34 भादवि एवं 25(1-बी)ए, 26, 27 आ एक्ट के तहत, सोनवर्षाराज थाना कांड संख्या 107/09, धारा 147, 148, 149, 307 भादवि व 27 आर्म्स एक्ट के तहत, सोनवर्षा राज थाना कांड संख्या 103/09, धारा 447, 386, 120(बी)भादवि व 27 आर्म्स एक्ट के तहत, सोनवर्षाराज के काशनगर ओपी कांड संख्या 117/09, धारा 448, 504, 307, 34 भादवि व 27 आर्म्स एक्ट के तहत, सोनवर्षा राज थाना कांड संख्या 139/09, धारा 307, 34 भादवि व 27 आर्म्स एक्ट के तहत, सोनवर्षा राज थाना कांड संख्या 52/10, धारा 384, 386, 387, 323, 504, 34 भादवि के तहत, सोनवर्षा राज थाना कांड संख्या 37/10, धारा 379 भादवि के तहत, सोनवर्षा राज थाना कांड संख्या 48/10, धारा 392 भादवि के तहत दर्ज है. बसनही थाना में कांड संख्या 30/09 जो धारा 397 भादवि के तहत, बसनही थाना कांड संख्या 39/10 जो धारा 25(1-बी)ए, 26आर्म्स एक्ट के तहत,बसनही थाना कांड संख्या 18/15 जो धारा 392, 411 भादवि के तहत, बसनही थाना कांड संख्या 24/15 जो धारा 392, 411 भादवि के तहत दर्ज है. सौरबाजार थाना में कांड संख्या 52/10 जो धारा 414, 34 भादवि के तहत, सौरबाजार थाना में कांड संख्या 113/10 जो धारा 414, 353, 307 भादवि व 27 आर्म्स एक्ट के तहत, सौरबाजार थाना के पतरघट ओपी में कांड संख्या 93/10 जो धारा 147, 148, 149, 323, 504, 307, 379, 384, 386 भादवि व 27 आर्म्स एक्ट के तहत, सौरबाजार थाना के पतरघट ओपी में कांड संख्या 148/09 जो धारा 353, 307, 34 भादवि के तहत दर्ज है. इसके अलावा सौरबाजार थाना में 89/15, 100/15, 231/15 भी दर्ज है. सदर थाना सहरसा में कांड संख्या 518/09 जो धारा 395 भादवि के तहत, सदर थाना सहरसा के सोनवर्षा कचहरी ओपी में कांड संख्या421/15 जो धारा 392 भादवि के तहत दर्ज है. बख्तियारपुर थाना में कांड संख्या 53/10 जो धारा 392 के तहत दर्ज है. सलखुआ थाना में कांड संख्या 45/15 जो धारा 279,337,427 भादवि के तहत व बलवाहाट ओपी में हत्या व लूट के एक -एक मामले दर्ज है. पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने कहा कि जिले के अलावे सीमावर्ती जिले से भी अपराधी के क्रिमिनल इतिहास को मंगाया जा रहा है. –टीम होंगे पुरस्कृत पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने कामयाबी के लिए बसनही थानाध्यक्ष व टीम में शामिल पदाधिकारी व जवानों की तारिफ करते पुरस्कृत करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि टीम को पांच हजार नकद व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा. टीम में थानाध्यक्ष मनीष रजक, राजेंद्र सिंह, रामानंद सिंह सहित जवान मौजूद थे. –एसपी ने की थी हौसला अफजाइ दो साल से पुलिस को चकमा देने वालेअपराधी लीलसागर की गिरफ्तारी में पुलिस की हौसला अफजाइ का काम खुद एसपी विनोद कुमार ने की थी. गिरफ्तारी से एक दिन पूर्व एसपी बसनही, काशनगर व अन्य थाना का निरीक्षण कर अपराधी को धर दबोचने का गुर सिखाया था. जिसे बसनही थानाध्यक्ष मनीष रजक ने गंभीरता से लेते कार्रवाई शुरू कर दी. थानाध्यक्ष की गंभीरता काम आयी और अगले ही दिन पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुका अपराधी लीलसागर यादव पुलिस के हत्थे चढ़ गया. मालूम हो कि विगत दो वर्षों से पुलिस लीलसागर की गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत थी, लेकिन हर बार यह चकमा देकर फरार होने में सफल रहता था.–50 हजार का था प्रस्ताव अपराधी लीलसागर यादव उर्फ नीलसागर यादव के कहर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने इसके गिरफ्तारी के लिए 50 हजार के इनाम का प्रस्ताव विभाग को भेजा था. एसपी ने बताया कि लीलसागर पर इनाम का प्रस्ताव भेजा गया था, जो अभी प्रक्रियाधीन ही थी.

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