नये विधायकों को होगी विकास को आगे बढ़ाने की चुनौती

नये विधायकों को होगी विकास को आगे बढ़ाने की चुनौती लोगों ने कहा, नीतीश कुमार का विजन शीघ्र लागू करायें नेतासहरसा मुख्यालयजिले के चारों विधानसभा सीट पर जीत दर्ज करने के बाद महागंठबंधन के नवनिर्वाचित विधायकों को उनके क्षेत्र में विकास की गति तेजी से बढ़ाने की चुनौती होगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जिस बिहार […]
नये विधायकों को होगी विकास को आगे बढ़ाने की चुनौती लोगों ने कहा, नीतीश कुमार का विजन शीघ्र लागू करायें नेतासहरसा मुख्यालयजिले के चारों विधानसभा सीट पर जीत दर्ज करने के बाद महागंठबंधन के नवनिर्वाचित विधायकों को उनके क्षेत्र में विकास की गति तेजी से बढ़ाने की चुनौती होगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जिस बिहार विजन पर विकट परिस्थिति में उन्हें जीत मिली है. उसे काम दिखा लोगों के बीच विश्वास बनाना होगा. जाम से कराह रही है जनतासहरसा से जीते राजद के अरुण कुमार यादव के समक्ष जिम्मेवारी अपेक्षाकृत अधिक होगी. क्योंकि यहां सरकार के कई कार्य अधूरे पड़े हैं. जिसमें बंगाली बाजार में ओवरब्रिज का निर्माण कराना, रोजाना लगने वाले जाम से त्राण दिलाना, बैजनाथपुर पेपर मिल को चालू कराना, मत्स्यगंधा जलाशय का शीघ्र जीर्णोद्धार करा जिले को पर्यटन मानचित्र पर लाना प्रमुख है. इसके अलावे शहर के बीचोंबीच स्थित बस-स्टैंड को सरकारी भूखंड पर स्थापित करना, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना, स्कूलों में नियमित व स्तरीय पढ़ाई सुनिश्चित कराना, विधि-व्यवस्था को दुरूस्त कराना भी शामिल है. रूके पड़े हैं नप के कामसिमरी बख्तियारपुर से जीते दिनेश चंद्र यादव के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रखंड व अंचल कार्यालय को अपना भवन उपलब्ध कराना होगा. उन्हें नगर पंचायत के रूके कार्यों को शुरू कराने की भी चुनौती होगी. कोसी तटबंध के अंदर डेंगराही घाट पर पुल निर्माण, हर साल होने वाले भीषण कटाव को नियंत्रित करने, अनुमंडलीय अस्पताल में सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी बड़ी चुनौती होगी. जहर पी रहे हैं लोगसोनवर्षा विधानसभा से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए रत्नेश सादा के समक्ष क्षेत्र के लोगों को आयरनमुक्त पानी उपलब्ध कराने की चुनौती होगी. वहां आयरन की अत्यधिक मात्रा वाले पानी के प्रयोग से घातक बीमारियां पांव पसारती जा रही है. इसके अलावे पीएचसी व सरकारी विद्यालयों को सुदृढ़ करने, अपराध पर नियंत्रण करने व प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों में पारदर्शिता लाने के लिए भी कदम उठाना होगा. जलजमाव से परेशान हैं लोगइधर महिषी से जीते डॉ अब्दुल गफूर क्षेत्र को जलजमाव से मुक्ति दिलाने की चुनौती होगी. यहां सीपेज वाटर के कारण बड़ा भूभाग साल भर खेती से वंचित रह जाता है. उन्हें कोसी बाढ़ से विस्थापित हुए परिवारों को पुनर्वासित कराने में भी भूमिका निभानी होगी. साथ ही तटबंध के अंदर शेष रह गये गांवों को बिजली एवं सड़क से जोड़ना का लक्ष्य बनाना होगा.
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