सहरसा : सहरसा जंक्शन की सुरक्षा व्यवस्था मॉडल श्रेणी की होगी. आने वाले दिनों में सहरसा जंक्शन की सुरक्षा व्यवस्था काफी बेहतर की जायेगी. रेल प्रशासन डिवीजन स्तर पर इसकी तैयारी कर रहा है. सहरसा जंक्शन पहुंचे समस्तीपुर डिवीजन के सहायक कमांडेंट ए के लाल ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सोमवार को सहरसा जंक्शन के चप्पे-चप्पे का निरीक्षण किया. इसके बाद डीजल डिपो आरपीएफ बैरक वाशिंग पिट का भी निरीक्षण किया. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सहरसा जिले के पुलिस अधीक्षक से भी मुलाकात की.
इस तरह सहरसा जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्था बनाने को लेकर कई मुद्दों पर सहमति बनी. सहायक कमांडेंट ने बताया कि सहरसा जंक्शन पर आरपीएफ बल की संख्या काफी कम है. हाई अलर्ट और भीड़-भाड़ वाले दिनों में जीआरपी और जिला पुलिस बल की तैनाती हो, तो किसी भी परिस्थिति से निबटा जा सकेगा. वहीं सहरसा एसपी ने आश्वासन दिया कि जिला पुलिस रेलवे का सहयोग पूर्ण रूप से करेगी. जरूरत के हिसाब से पुलिस बल मांगने पर तैनात किये जायेंगे.
सहायक कमांडेंट ने सहरसा जंक्शन पर सीसीटीवी कैमरे का भी निरीक्षण किया. जिसके बाद सहरसा आरपीएफ पोस्ट पर इंस्पेक्टर सारनाथ सहित सभी आरपीएफ पुलिस बल को आवश्यक निर्देश भी जारी किया. सहायक कमांडेंट ने निर्देश दिया कि यात्री सुरक्षा से जुड़ी जो भी खामियां है, उसे अविलंब समस्तीपुर डिवीजन को भेजा जाये.
ताकि संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देकर उन खामियों को दूर किया जा सके. आरपीएफ सहायक कमांडेंट ने कहा कि सहरसा जंक्शन पर जितने भी सीसीटीवी कैमरे यात्री सुरक्षा से जुड़े लगाये गये हैं. जिन कमरों में नाइट विजन नहीं है और जो खामियां हैं, अविलंब उसे समस्तीपुर डिवीजन के सीनियर डीएसटी को दिया जायेगा, ताकि सीसीटीवी कैमरे को काफी हद तक दुरुस्त किया जा सके.
आरपीएफ के सहायक कमांडेंट एके लाल ने वाशिंग पिट के निरीक्षण के बाद कहा कि यहां भी सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे. पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वाशिंग पिट में जब ट्रेन वाशिंग के लिए आती है तो मजदूर पहले ही उन ट्रेनों की सीटों पर अपना कब्जा जमा लेते हैं.
इसे रोकने के लिए दोनों वाशिंग पिट के दोनों तरफ जो चहारदीवारी है, उसकी हाइट बढ़ायी जायेगी और एंट्रेंस गेट को भी चहारदीवारी से बंद किया जायेगा. ताकि वाशिंग के दौरान मजदूर यात्री आकर ट्रेन में ना बैठ सकें, वहीं सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए आरपीएफ जीआरपी से भी इन सब मामलों में सहयोग ले सकती है.
17 व 18 दिसंबर को अप और डाउन में रद्द रहेगी हाटे बाजार एक्सप्रेस
सहरसा. असम और बंगाल में नागरिक संशोधन कानून के विरोध में जारी हिंसा के बाद सहरसा सहित कटिहार और विभिन्न सेक्शन में कई ट्रेनों को रद्द किया गया और कई का मार्ग परिवर्तित किया गया है.
वहीं एक बार फिर 17 और 18 दिसंबर को सहरसा से सियालदह और सियालदह से सहरसा आने वाली हाटे बाजार एक्सप्रेस को अप और डाउन में रद्द किया गया है. रेल अधिकारियों की मानें तो जब तक असम और बंगाल में हिंसा की स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक ट्रेन का परिचालन शुरू नहीं किया जा सकेगा. हाटे बाजार के पिछले दो दिनों से रद्द होने के कारण रेल राजस्व को भी काफी क्षति हुई है. फिलहाल अगले निर्देश तक इस ट्रेन को रद्द कर दिया गया है.