कहा, रोक दीजिए भुगतान

Updated at : 05 Jun 2018 6:02 AM (IST)
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कहा, रोक दीजिए भुगतान

जिला पदाधिकारी डॉ शैलजा शर्मा ने किया सदर अस्पताल का निरीक्षण कई डॉक्टर मिले अनुपस्थित सहरसा : जिला पदाधिकारी डॉ शैलजा शर्मा ने सोमवार को सदर अस्पताल का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रसव वार्ड, एसएनसीयू, जिला प्रतिरक्षण कार्यालय, जांच घर, ओपीडी, एक्सरे सहित कई वार्डों का जायजा लिया. जिला पदाधिकारी अस्पताल की व्यवस्था […]

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जिला पदाधिकारी डॉ शैलजा शर्मा ने किया सदर अस्पताल का निरीक्षण

कई डॉक्टर मिले अनुपस्थित
सहरसा : जिला पदाधिकारी डॉ शैलजा शर्मा ने सोमवार को सदर अस्पताल का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रसव वार्ड, एसएनसीयू, जिला प्रतिरक्षण कार्यालय, जांच घर, ओपीडी, एक्सरे सहित कई वार्डों का जायजा लिया. जिला पदाधिकारी अस्पताल की व्यवस्था से काफी नाखुश दिखी. लगभग नौ बजे डीएम अस्पताल पहुंची और लगभग दो घंटे तक अस्पताल का मुआयना किया. जांच के दौरान कई वार्डों में चिकित्सक अनुपस्थित मिले. पूरी जांच के दौरान अस्पताल प्रबंधक विनय रंजन ही डीएम के साथ थे. लगभग एक घंटे के बाद सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार सिंह अस्पताल पहुंचे. वहीं अस्पताल अधीक्षक व अस्पताल उपाधीक्षक नजर नहीं आये.
लोगों ने सुनायी अस्पताल की कुव्यवस्था : डीएम को अपने सामने देख मरीज के परिजनों ने अस्पताल की कुव्यवस्था व परेशानी से अवगत कराया. नवहट्टा के एक व्यक्ति ने कहा कि मारपीट में उसके परिजन जख्मी हैं. रात से ही भर्ती हैं. अभी तक कोई चिकित्सक देखने तक नहीं आया है. डीएम ने अपने कर्मी संतोष कुमार को परिजन के साथ भेज वस्तुस्थिति की जानकारी लेने भेजा. महिला दवा काउंटर के समीप एक बुजुर्ग महिला ने डीएम से शिकायत करते कहा कि उसकी पतोहू अस्पताल में भर्ती है. डॉक्टर बिना देखे ही उसे दरभंगा ले जाने को कह रहे हैं. डीएम ने अस्पताल प्रबंधक विनय रंजन को महिला के साथ जाकर समस्या का निदान करने को कहा. सिविल सर्जन ने डीएम को बताया कि प्रसव वार्ड का मामला है. जिस पर डीएम ने कहा कि ठीक है आप बेहतर इलाज के लिए उसे रेफर कर रहे हैं, लेकिन उसे संतुष्ट करने के बाद ही रेफर करें.
शौचालय में गंदगी देख भड़की डीएम:
डीएम डॉ शर्मा ने अस्पताल निरीक्षण के दौरान वार्डों के शौचालय का भी निरीक्षण किया. महिला दवा काउंटर के समीप बने शौचालय की स्थिति देख भड़क गयी. उन्होंने आउटसोर्सिंग के कर्मी को बुलाकर जम कर फटकार लगायी. डीएम ने पूछा कि आखिर क्यों नहीं होती है नियमित सफाई. कर्मी द्वारा नियमित सफाई किये जाने की बात पर फिनाइल की खोज की. कर्मी द्वारा फिनाइल उपलब्ध नहीं कराया गया. जिसके बाद डीएम ने पूछा कि शौचालय में हाथ साफ करने के लिए क्या व्यवस्था है तो उसपर भी कोई जवाब नहीं मिला. जिसके बाद डीएम ने आउटसोर्सिंग के भुगतान पर रोक लगाने का निर्देश सीएस को देते इससे संबंधित सभी फाइल लेकर आने को कहा. इसके बाद बाहरी परिसर में जलजमाव व गंदगी देख बाहरी परिसर की साफ-सफाई का जिम्मा लेने वाले आउटसोर्सिंग कर्मी को बुलाकर फटकार लगायी. उन्होंने कहा कि जमे पानी को क्यों नहीं हटाया जा रहा है. पानी में ब्लीचिंग व चूना क्यों नहीं डाला गया. जिस पर कर्मी ने तीन दिन का समय मांगा. डीएम ने सीएस से भुगतान पर रोक लगाने व तीन दिन के अंदर सफाई कार्य पूरा करने व पुन: तीसरे दिन आने की बात कही.
अग्निशामक यंत्र की जांच की, कर्मियों को प्रशिक्षण दिलाने का निर्देश : जिला पदाधिकारी ने नवजात गहन शिशु चिकित्सा केंद्र का भी निरीक्षण किया. उन्होंने केंद्र में लगे अग्निशमन यंत्र की जांच कर मौजूद कर्मी से उसे उपयोग कर दिखाने की बात कही. कर्मी द्वारा असमर्थता जताने पर अस्पताल प्रबंधक को अग्निशमन विभाग से सभी को प्रशिक्षण दिलाने का निर्देश दिया. मालूम हो कि प्रभात खबर ने इसको लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी.
डीएम के सामने टांग कर ले गये मरीज को
अस्पताल की कुव्यवस्था का आलम यह है कि डीएम अस्पताल का निरीक्षण कर रहे थे और एक महिला मरीज को उसके परिजन स्ट्रेचर के अभाव में टांग कर ले जा रहे थे. हालांकि डीएम की नजर नहीं पड़ने के कारण अस्पताल प्रबंधन ने चैन की सांस ली. वहीं महिला वार्ड में पुरुषों को देख डीएम ने जम कर फटकार लगायी.
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