खाता खुलवाने के नाम पर वसूले " 500
Updated at : 24 Oct 2017 4:58 AM (IST)
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सीएसपी. कार्यशैली से परेशानी, अनपढ़ व गरीब लोगों का होता है आर्थिक शोषण कई माह बाद मिलती है खाते से जमा व निकासी की जानकारी सोनवर्षाराज : राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा लोगों की सुविधा के लिए पंचायत स्तर पर खोले गये ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) की कार्यशैली ही ऐसी है जिसमें अनपढ़ व गरीब लोगों का […]
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सीएसपी. कार्यशैली से परेशानी, अनपढ़ व गरीब लोगों का होता है आर्थिक शोषण
कई माह बाद मिलती है खाते से जमा व निकासी की जानकारी
सोनवर्षाराज : राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा लोगों की सुविधा के लिए पंचायत स्तर पर खोले गये ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) की कार्यशैली ही ऐसी है जिसमें अनपढ़ व गरीब लोगों का आर्थिक शोषण किया जाना अत्यंत आसान व सुलभ है. ग्राहक सेवा केंद्र अपने ग्राहकों को पासबुक की जगह एक परिचय पत्र जैसी एक कार्ड निर्गत करती है. ग्राहक अपने पैसों की निकासी के लिए इसी कार्ड का सहारा लेते हैं. कार्ड देख कर सीएसपी कर्मी अगुंलियों के निशान पर मनमर्जी निकासी कर ग्राहक को चूना लगाते हैं. चूंकि निकासी व जमा राशि की कोई प्राप्ति रसीद जैसी सबूत देने की जरूरत ही नहीं होती है. इसलिए अनपढ़ व गरीब लोगों को कई माह बाद अपने खाते से ज्यादा रकम की निकासी की जानकारी मिलती है.
खाता खोलने व निकासी के लिए अलग अलग शुल्क
सोनवर्षा पीएचसी के निकट बैंक ऑफ इंडिया शाखा के ग्राहक सेवा केंद्र दरअसल बनमा ईटहरी अंचल क्षेत्र के सहुरिया के तरहा गांव के नाम से चलाया जा रहा है. जन धन योजना के तहत जीरो बैलेंस पर खोले गये खातों में 400 से 500 की अवैध वसूली खाता खोलने के नाम पर की गयी. इस सेवा केंद्र से संबंधित सोनवर्षा स्थित वार्ड नंबर 3 बालू टोला एवं अन्य वार्डो के दर्जनो ग्राहकों में पंकज कुमार तथा पूजा कुमारी को अपना खाता खुलवाने के नाम पर 400 से 500 रुपये अवैध शुल्क के रूप में चुकाना पड़ा. वहीं गुड़िया देवी, समीदा खातून, साजता खातून, सहाना खातून, मदीना खातून, रूणा देवी तथा लगीना खातून से पैसे निकासी के नाम पर 100 से 500 रुपये तक अवैध उगाही की गयी. जबकि जीविका से 10,000 रुपये का लोन निकालने के लिए अमीना खातून को 100-100 रुपये दो किस्तों में अवैध रूप से चुकाना पड़ा.
लाइसेंस कहीं और का चलाया जा रहा है कहीं और
सबसे आश्चर्य की बात यह है कि बैंक ऑफ इंडिया शाखा सोनवर्षा मुख्य रूप से बनमा ईटहरी प्रखंड के प्रियनगर के नाम से अधिकृत होने के बावजूद सोनवर्षा में चलाया जा रहा है. और तो और बनमा ईटहरी प्रखंड के रसलपुर पंचायत एवं सहुरिया पंचायत के नाम पर दो ग्राहक सेवा केंद्र अधिकृत किये गये थे. दोनों ही पदाधिकारियों की मिली भगत से अपने प्रखंड मुख्यालय को छोड़ सोनवर्षा राज बाजार में चलाया जा रहा है. जाहिर है बनमा ईटहरी प्रखंड के लोगों की सुविधा के लिए खोला गया यह ग्राहक सेवा केंद्र सोनवर्षा राज प्रखंड के लोगों के आर्थिक शोषण में लगा है.
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