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सिमरी-सलखुआ बाइपास रोड पर चढ़ा पानी, मवेशी चारा की हुई किल्लत, देखें वीडियो

Updated at : 14 Aug 2017 12:35 PM (IST)
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सिमरी-सलखुआ बाइपास रोड पर चढ़ा पानी, मवेशी चारा की हुई किल्लत, देखें वीडियो

सहरसा/सलखुआ : नेपाल में हो रही मूसलाधार बारिश और कोसी बराज से छोड़े जा रहे पानी की वजह से कोसी में उफान जारी है. इससे सिमरी बख्तियारपुर व सलखुआ की लगभग 12 पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ गयी हैं. बाढ़ का पानी इन पंचायतों के सैकड़ों घरों में प्रवेश कर गये हैं, जिससे लोगो […]

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सहरसा/सलखुआ : नेपाल में हो रही मूसलाधार बारिश और कोसी बराज से छोड़े जा रहे पानी की वजह से कोसी में उफान जारी है. इससे सिमरी बख्तियारपुर व सलखुआ की लगभग 12 पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ गयी हैं. बाढ़ का पानी इन पंचायतों के सैकड़ों घरों में प्रवेश कर गये हैं, जिससे लोगो को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लोग घर छोड़ कर तटबंध पर बसे हैं. वहीं, अंचलाधिकारी धर्मेन्द्र पंडित ने बताया कि सरकारी आदेश मिलते ही राहत कैंप जल्द शुरू किया जायेगा. बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि एसडीओ साहेब, गाड़ी की खिड़की से देखते चले गये और भूखे प्यासे जानवरो समान हम जिंदगी गुजार रहे हैं. इधर, सलखुआ के चिड़ैया ओपी अंतर्गत अलानी हाइस्कूल की पश्चिम कोसी के बाढ़ के पानी में डूबने से मनीष चौधरी के 12 वर्षीय पुत्र प्रियांशु चौधरी की मौत हो गयी. चिड़ैया ओपी प्रभारी राजीव लाल पंडित ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सहरसा भेज दिया गया है.

सिमरी-सलखुआ बाइपास रोड पर चढ़ा पानी

बीते दो दिनों से कोसी बराज से हो रहे डिस्चार्ज का असर सलखुआ में सबसे अधिक देखने को मिल रहा है. नेपाल के तराई इलाके में लगातार हो रही बारिश व कोसी बैराज से साल का सर्वाधिक पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ की स्थिती भयावह हो गयी है. सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल की करीब एक दर्जन पंचायतें बाढ़ के पानी से प्रभावित हो गयी हैं. सबसे अधिक भयावह स्थिती पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर के पंचायतों का हो गया है. यहां टोलों-मुहल्लों से लेकर गावों में बाढ़ का कहर देखने को मिल रहा हैं.

मवेशी चारा की हुई किल्लत

सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड की चार पंचायतें बाढ़ के पानी से प्रभावित हुई हैं. इनमें बेलवाड़ा, धनपुरा, कठडुमर एवं घोघसम पंचायतें शामिल हैं. इन पंचायतों के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है. इससे सभी ग्रामीण ऊंचे स्थानों पर पलायन को मजबूर हो रहे हैं. सबसे ज्यादा दिक्कत मवेशी के चारे की हो गयी है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मवेशी चारा उपलब्ध कराने की मांग की है. वहीं, बेलवाड़ा पंचायत की कई सड़कें बाढ़ के पानी में डूब गयी हैं. इससे यातायात प्रभावित हुआ है. अंचलाधिकारी धर्मेन्द्र पंडित ने बताया कि अभी कुल आठ नावों को सरकारी स्तर पर परिचालन किया जा रहा हैं और ज्यादा आवश्यकता पड़ने पर संख्या में इजाफा की जायेगी. उन्होंने कहा कि ऊंचे स्थानों को चिह्नित कर राहत शिविर की भी तैयारी कर ली गयी है. सरकारी स्तर पर आदेश मिलते ही राहत कैंप शुरू कर दी जायेगी. उन्होंने ने बताया कि इस प्रखंड के पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर की लगभग पच्चीस हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित हैं. सलखुआ प्रखंड की आधा दर्जन पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं. अंचलाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि करीब चालीस हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई हैं. करीब एक दर्जन सरकारी स्तर पर नावों की व्यवस्था लोगों को आवागमन के लिए चलाया जा रहा हैं.

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