रेट लिस्ट के मुद्दे पर मौन क्यों है आइएमए
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :26 Jul 2017 6:07 AM (IST)
विज्ञापन

निजी अस्पताल में सार्वजनिक हो रेट लिस्ट सहरसा : जिले में डॉक्टर समुदाय के साथ सुख व दुख में हमेशा आवाज उठाने वाली संघ आइएमए से आमलोगों को भी बड़ी उम्मीद रहती है. मरीजों को मुफ्त चिकित्सा शिविर मुहैया कराने का मामला हो या शासन तंत्र की नाराजगी की बेला, डॉक्टरों का यह यूनियन जनहित […]
विज्ञापन
निजी अस्पताल में सार्वजनिक हो रेट लिस्ट
सहरसा : जिले में डॉक्टर समुदाय के साथ सुख व दुख में हमेशा आवाज उठाने वाली संघ आइएमए से आमलोगों को भी बड़ी उम्मीद रहती है. मरीजों को मुफ्त चिकित्सा शिविर मुहैया कराने का मामला हो या शासन तंत्र की नाराजगी की बेला, डॉक्टरों का यह यूनियन जनहित जैसे कार्यों से कभी पीछे नहीं हटा है. जिले में जब कभी डॉक्टर हड़ताल पर गये हैं, उस वक्त भी गंभीर मरीजों के इलाज को आइएमए द्वारा प्राथमिकता दी गयी है. लेकिन निजी नर्सिंग होम या क्लिनिक में रेट लिस्ट लगाने के सवाल पर आइएमए की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है. लोगों का कहना है कि
आइएमए को जनहित में कोई कारगर कदम उठाना चाहिए. प्रभात खबर द्वारा शुरू किये गये अभियान के बाद कुछेक नर्सिंग होम से रेट लिस्ट लगाये जाने की बात सामने आ रही है. इतना ही नहीं इस मामले पर शहर के लोग सोशल मीडिया पर भी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. लोगों का कहना है कि बड़े लोगों की पैरवी से अस्पताल पहुंचे मरीजों को रियायत मिल जाती है. लेकिन आमलोग इस प्रकार की सुविधा से वंचित हो जाते हैं. ऐसे में रेट लिस्ट सार्वजनिक करने से सभी का भला होगा. रेट लिस्ट लगाने का सबसे ज्यादा फायदा गरीब तबके के लोगों को होगा. उन्हें सर्जरी में होने वाले खर्च को समझ अस्पताल की सेवा लेने से पूर्व वैकल्पिक व्यवस्था का मौका भी मिलेगा.
कुछ क्लिनिकों में लगा रेट लिस्ट
केस स्टडी 1
शहर के मेडिकल हब नया बाजार में दिवंगत चिकित्सक डॉ अनिल पाठक के नर्सिंग होम में सर्जन डॉ गणेश कुमार अपनी सेवा दे रहे हैं. इस अस्पताल में सर्जरी के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लोग पहुंचते हैं. अस्पताल में सभी प्रकार की सुविधा रियायत के साथ मुहैया कराने का दावा किया जाता है. अस्पताल में रेट लिस्ट कहीं नजर नहीं आ रहा है. मरीज व उनके परिजन के बैठने की भी व्यवस्था है. मरीज के परिजनों ने बताया कि रेट लिस्ट सबके नजर में होनी चाहिए. मरीज को खर्च की पूरी जानकारी मिल जाती है. जिला प्रशासन को इस मामले में पहल करनी चाहिए.
केस स्टडी 2
शहर के पूरब बाजार राइस मिल परिसर में इएनटी विशेषज्ञ डॉ राकेश कुमार का नर्सिंग होम हैं. लोग बताते है कि काफी कम समय में मरीजों का विश्वास डॉक्टर साहब के साथ जुड़ गया है. यहां अत्याधुनिक मशीन से इलाज करने की व्यवस्था है. सर्जरी के लिए भी मरीज पहुंचते हैं. सभी प्रकार की जांच भी नर्सिंग होम में होती है. रेट लिस्ट इनके अस्पताल में भी नहीं दिख रहा है. मरीज के परिजनों ने बताया कि अस्पताल के कर्मी इलाज का ब्योरा दे देते हैं. उनलोगों को ट्रीटमेंट में कोई परेशानी नहीं होती है. शहर में इएनटी मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है.
केस स्टडी 3
नया बाजार में शहर के चर्चित डॉक्टर ए के मिश्रा का क्लिनिक है. डॉक्टर साहब के यहां सामान्य से लेकर जटिल रोगों के मरीज पहुंचते हैं. कई मरीज ऐसे भी मिले, जिनके परिवार से पुश्त दर पुश्त लोग इनकी सेवा ले रहे हैं. सभी प्रकार की जांच के लिए जगह क्लिनिक के कर्मी मरीजों को बताते है. दवाई क्लिनिक में ही उपलब्ध है. लोग बताते हैं कि ओपीडी चार्ज में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है. बुजुर्ग मरीज ज्यादा पहुंचते है. नर्सिंग एक्ट के तहत इनके क्लिनिक में भी सुविधाओं का टोटा लगा हुआ है.
सुनिए डॉक्टर साहब, जनता की आवाज
प्रभात खबर के हेल्पलाइन नंबर पर प्रतिक्रिया देते राजनपुर निवासी विभाष कहते हैं कि ऑपरेशन में शहर के नर्सिंग होम द्वारा दवाई के नाम पर ज्यादा चार्ज लिया जाता है. जबकि खरीद की गयी सभी दवाओं का उपयोग नहीं होता है. सोनवर्षाराज के निर्मल कामत कहते हैं कि सहरसा में मेडिकल सुविधा का विस्तार हुआ है. लेकिन सस्ती चिकित्सा नहीं मिल रही है. नवहट्टा के मो हारुण कहते हैं कि निजी क्लिनिक में जांच के नाम पर बहुत शोषण होता है. दवाई भी अस्पताल में खरीदने की मजबूरी बनी हुई है. कायस्थ टोला के दिलीप कहते हैं कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को भरती कर लिया जाता है. लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक का अस्पताल में अभाव बना रहता है. आइसीयू में तैनात चिकित्सक के बारे में जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती है.
वेंटीलेटर पर ही पड़ा है आइसीयू
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




