बहिष्कार कर रहे शिक्षकों पर प्रशासन सख्त

Published at :14 Apr 2017 6:36 AM (IST)
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बहिष्कार कर रहे शिक्षकों पर प्रशासन सख्त

17 मार्च से ही वित्तरहित शिक्षक अपनी मांग को लेकर हैं हड़ताल पर शिक्षकों का आरोप सरकार वेतन देने में कर रही मनमानी आरा : भोजपुर जिले में दो लाख 33 हजार उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करनी थी. वित्त रहित शिक्षकों के हड़ताल पर जाने के बाद उनमें से मात्र 250 कॉपियों की जांच ही […]

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17 मार्च से ही वित्तरहित शिक्षक अपनी मांग को लेकर हैं हड़ताल पर

शिक्षकों का आरोप सरकार वेतन देने में कर रही मनमानी
आरा : भोजपुर जिले में दो लाख 33 हजार उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करनी थी. वित्त रहित शिक्षकों के हड़ताल पर जाने के बाद उनमें से मात्र 250 कॉपियों की जांच ही हो पायी है. इसको लेकर जिले में दो मूल्यांकन केंद्र बनाये गये हैं. इंटर साइंस और कॉमर्स की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए एसबी कॉलेज और कला विषय की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए टाउन स्कूल को केंद्र बनाया गया था. 17 मार्च से ही वित्तरहित शिक्षक अपनी मांग को लेकर हड़ताल पर हैं. इनके द्वारा कापी मूल्यांकन का बहिष्कार किया जा रहा है. बीते तीन दिनों से सरकार के स्तर से जारी फरमान के बाद शिक्षा विभाग द्वारा टाउन स्कूल केंद्र पर वेतनमान और नियोजित शिक्षकों के सहयोग से किसी भी तरह मूल्यांकन केंद्र‍् की शुरुआत करा दी गयी थी,
जिसके बाद लगभग 250 कॉपियों की जांच हो पायी है लेकिन यह रफ्तार सही नहीं है. सोमवार को ही नियोजित शिक्षकों द्वारा मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया था और उन पर मोबिल भी फेंका गया, जिसके बाद कुछ शिक्षक मूल्यांकन केंद्र में प्रवेश से घबराने लगे. इधर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा मूल्यांकन कराने को लेकर शिक्षा विभाग को कई तरह का निर्देश जारी किया जाने लगा है.
मूल्यांकन का बहिष्कार कर रहे शिक्षकों ने जमकर किया बवाल : तरारी. उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर रहे शिक्षकों ने बीआरसी और प्रखंड कार्यालय में जम कर बवाल काटा. शिक्षकों के हंगामा से फरियादी भाग खड़े हुए. हंगामा कर रहे शिक्षकों का नेतृत्व प्रकाश सिंह, सत्येंद्र राय, संजीव कुमार, लाल बाबू सिंह और राजेश कुमार ने किया.
आंदोलनरत शिक्षकों का कहना है कि 18 अप्रैल को प्रखंड मुख्यालय में मशाल जुलूस और 19 अप्रैल को शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कार्यालयों में तालाबंदी का फैसला लिया गया है. शिक्षकों के अनुसार महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह की शताब्दी वर्ष के मौके पर शिक्षक लड़ाई लड़ रहे हैं. शिक्षकों की आर पार की लड़ाई चल रही है. शिक्षकों ने कहा कि सरकार समस्याओं का समाधान नहीं कर रही और वेतन देने में मनमानी कर रही है. लड़ाई को रोकने के लिये तरह-तरह के हत्थकंडे अपनाये जा रहे हैं.
2 . 33 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन था करना
भोजपुर जिले में 2 लाख 33 हजार उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करनी थी. इसको लेकर शिक्षा विभाग के जारी आदेश में 30 मार्च तक मूल्यांकन समाप्ति होने की अवधी तय की गयी थी. समाप्ति की अवधी खत्म होने के 12 दिन गुजर गये फिर भी मूल्यांकन शुरू नहीं हो पाया. मूल्यांकन कार्य का विरोध कर रहे शिक्षकों पर कार्रवाई के आदेश भी जारी कर दिये गये हैं.
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