पत्थर कारोबार में नक्सली घुसपैठ

Published at :01 Mar 2017 8:46 AM (IST)
विज्ञापन
पत्थर कारोबार में नक्सली घुसपैठ

सोमवार को बासा खनन क्षेत्र में पुलिस को मिली बड़ी सफलता सासाराम नगर : मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत खनन क्षेत्र में नक्सलियों का वर्चस्व है. सोमवार को बासा खनन क्षेत्र से विस्फोटक की बरामदगी व एक सप्लार्यस परमानंद प्रसाद की गिरफ्तारी से पुलिस के दावे की पुष्टि होती है. 13 जुलाई, 2016 को कचहरी बस […]

विज्ञापन
सोमवार को बासा खनन क्षेत्र में पुलिस को मिली बड़ी सफलता
सासाराम नगर : मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत खनन क्षेत्र में नक्सलियों का वर्चस्व है. सोमवार को बासा खनन क्षेत्र से विस्फोटक की बरामदगी व एक सप्लार्यस परमानंद प्रसाद की गिरफ्तारी से पुलिस के दावे की पुष्टि होती है.
13 जुलाई, 2016 को कचहरी बस विस्फोट में नक्सलियों का सहयोगी शहर के भारतीगंज निवासी सचिन कुमार की मौत हो गयी थी. सचिन नक्सलियों तक विस्फोटक पहुंचाता था.
इस मामले में जांच में जुटी पुलिस 15 जुलाई, 2016 को बासा निवासी विनोद चौधरी के घर छापेमारी कर दो राइफल, एक पिस्टल, दो कट्टा, कारतूस, बिंडालिया सहित दोनों भाई विनोद चौधरी व राज कुमार चौधरी को गिरफ्तार की थी. इन दोनों भाई की निशानदेही पर करवंदिया खनन क्षेत्र स्थित पहाड़ पर बने गोदाम से 14 पॉकेट सील इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, लगभग 27 हजार, 78 बंडल इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर 16 पॉकेट अमोनियम नाइट्रेट, 20 पीस जीलेटिन बरामद हुआ था. पुलिस टीम में तत्कालीन एसपी अभियान मोहम्मद सुहेल, डीएसपी आलोक रंजन, सीआरपीएफ 47 के समादेष्टा मिथिलेश कुमार, सहायक समादेष्टा भाष्कर राव, एसटीएफ चीता के अधिकारी शामिल थे.
इस कामयाबी के बाद एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने कहा था कि पत्थर के कारोबार में नक्सलियों की घुसपैठ हो चुकी है. पत्थर कारोबार के साथ ईंट भट्ठाें व निर्माण कंपनियों से लेवी वसूलने में लगे हैं. कचहरी बम विस्फोट 11 मार्च 2016 व 13जुलाई को हुए बम विस्फोट का तार नक्सलियों से जुड़ा है. इनका संबंध टीपीसी से है. इन दिनों खनन क्षेत्र में इनका वर्चस्व है. अन्य कारोबारियों से नक्सली पैसा वसूलते हैं.
विस्फोटक की घटना को दिया अंजाम
विगत चार पांच वर्षों से नक्सली जिले में कहीं भी विस्फोट की घटना नहीं किये हैं. वर्ष 2009 में खनन पर रोक के बाद पत्थर कारोबार में अधिक मुनाफा देख नक्सलियों ने घुसपैठ शुरू कर दिये. स्थानीय लोगों का सहयोग मिलने लगा, तो कुछ स्वेच्छा से इनके साथ जुड़ते गये. सूत्र बताते हैं कि खनन क्षेत्र में नक्सलियों के इजाजत के बिना कोई शख्स पत्थर का एक टुकड़ा भी नहीं उठा सकता है.
लेवी वसूलने में लगे नक्सली
खनन क्षेत्र से जो भी विस्फोटक की बरामदगी होती रही है. वह खनन के उपयोग में लाया जाता है. कैमूर पहाड़ी पर चंद नक्सली ही बचे हैं. जो हैं वे लेवी वसूलने में लगे हैं.
इधर के कुछ वर्षों से एक भी नक्सली घटना सामने नहीं आयी है. दो-तीन निर्माण कंपनी का मशीन जलाने का मामला सामने आया है. वह भी संदेह के घेरे में है मुट्ठी भर बचे नक्सली कैमूर पहाड़ी व तलहटियों में बसे गांव के ग्रामीणों को डरा धमका कर अपना वर्चस्व कायम करने में लगे हैं. ताकि, भय से निर्माण कंपनी व ईंट भट्ठा संचालकों से लेवी की वसूली की जा सके. खनन क्षेत्र में जो भी है वे नक्सलियों के सहयोगी है. सहयोगियों से नक्सलियों के सहयोगी है. सहयोगियों से नक्सलियों को उनका हिस्सा मिलता है. सोमवार काे बांसा खनन क्षेत्र से विस्फोटक की बरामदगी से पुलिस के दावे की पुष्टि होती है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन