न दर्द की दवा मिली, न टूटे हाथ की हुई मरहम-पट्टी

Published at :23 Feb 2017 8:08 AM (IST)
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न दर्द की दवा मिली, न टूटे हाथ की हुई मरहम-पट्टी

घटना के समय सो रहे थे अधिकतर तीर्थयात्री बोले थानाध्यक्ष, बस चालक पर होगी कार्रवाई सासाराम नगर : सदर अस्पताल में इलाज के लिए लिये गये घायल तीर्थ यात्री अस्पताल की लचर व्यवस्था को देख नाराज हो गये थे. घायल राम गणेश यादव ने कहा कि हम सभी घायल खून से लथपथ थे. किसी का […]

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घटना के समय सो रहे थे अधिकतर तीर्थयात्री
बोले थानाध्यक्ष, बस चालक पर होगी कार्रवाई
सासाराम नगर : सदर अस्पताल में इलाज के लिए लिये गये घायल तीर्थ यात्री अस्पताल की लचर व्यवस्था को देख नाराज हो गये थे. घायल राम गणेश यादव ने कहा कि हम सभी घायल खून से लथपथ थे. किसी का हाथ टूटा था, तो किसी के सर में चोट लगी थी. अस्पताल के कर्मचारी घायल मरीजों का किसी जानवर की तरह इलाज कर रहे थे.
लगता था कि कर्मचारी कितनी जल्दी में है. फुला देवी का हाथ टूटा है. वह पूरी रात दर्द से कराहती रही. न इन को दर्द निवारक दवा दी गयी और न ही उनके हाथ का बैंडेज किया गया. कमोवेश यही स्थिति लगभग घायलों की है. नाम नहीं छापने की शर्त पर एक अस्पताल कर्मचारी ने बताया कि जो व्यवस्था है वह पर्याप्त नहीं है. जिला मुख्यालय का अस्पताल है.
जब भी कोई बड़ी घटना व दुर्घटना होती है. व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो जाता है. ये बाहरी है अगर स्थानीय लोग होते तो स्थिति बिगड़ सकती थी. खैर जितना साधन संसाधन है. उससे घायलों के लिए बेहतर सेवा किया गया है. रात में कर्मचारी भी कम होते है. दिन की बात रहती है तो दूसरे वार्ड से भी सहयोग के लिए कर्मचारी आ जाते हैं.
चालक काफी तेज चला रहा था वाहन
मैं चालक को गाड़ी तेज चलाने से रोक रहा था. इसके लिए उससे मेरी झड़प भी हुई थी. बिहार की सीमा में बस के प्रवेश करते ही सभी यात्री लगभग सो गये थे कि अचानक तेज आवाज हुई और बस में बैठे यात्री उछल-उछल कर खिड़की से बाहर गिरने लगे. मेरे ऊपर भी दो तीन लोग गिरे थे. जिससे मैं दब गया था. 10 मिनट बाद पुलिस व कुछ लोग पहुंचे सभी घायलों को बाहर निकालने लगे. उस समय रात के लगभग 12 बज रहा था. जब सभी लोग बाहर निकले तो स्थिति बहुत खराब थी. सभी खून से लथपथ थे. तीन लोग बस में से थे. उन्हें किसी तरह बाहर निकाला गया. बाद में पता चला कि तीनों की मौत हो चुकी है.
लालता प्रसाद, घायल यात्री
नशे में धुत था बस का चालक
फोरलेन पर घोघट पेट्रोल पंप के समीप मंगलवार की रात खड़े कंटेनर में तीर्थ यात्रियों से भरी बस ने ठोकर मार दिया. ठोकर इतना जबरदस्त था कि तेज आवाज के साथ बस की खिड़की से यात्री बाहर गिर रहे थे. इस दुर्घटना में तीन तीर्थ यात्रियों की मौत हो गयी, जिसमें दो सगे भाई थे. लगभग दो दर्जन यात्री घायल हो गये. घायलों में दो की स्थिति गंभीर है
धायल यात्रियों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. त्रिलोकीनाथ रामगंगा नाम की बस उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से 35 तीर्थ यात्रियों को लेकर मंगलवार की अहले सुबह चार बजे चली थी. दोपहर 11 बजे इलाहाबाद में खाना खाने के बाद रात आठ बजे वाराणसी टॉलगेट के समीप तीर्थ यात्री एक होटल में खाना खाने के लिए रुके. बताया जा रहा है कि बस का चालक प्रभु पटेल उसी होटल में शराब पी लिया. जब बस वाराणसी से चली, तो गति काफी तेज थी.
हालांकि, बस में सवार कई यात्रियों ने इसका विरोध किया. सभी यात्री प्रतापढ़ जिले के विभिन्न गांवों के हैं. ये झारखंड के बाबा धाम सहित दर्जनों तीर्थ स्थल का दर्शन करने निकले थे. शिवसागर थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि मृतकों के परिजनों का इंतजार किया जा रहा है. परिजनों के पहुंचते ही शव का पोस्टमार्टम कर सौंप दिया जायेगा. घायलों की इलाज की समूचित व्यवस्था की गयी है. जिन घायलों की स्थिति गंभीर है. उन्हें उनके इच्छानुसार रेफर कराया जा रहा है. दुर्घटना में बस चालक की गलती सामने आ रही है. उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जायेगी.
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