शराबबंदी, पर धंधेबाज सक्रिय

Published at :22 Feb 2017 6:43 AM (IST)
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शराबबंदी, पर धंधेबाज सक्रिय

हालात. पिछले वर्ष मार्च में करीब साढ़े तीन करोड़ की बिकी थी शराब सासाराम नगर : प्रदेश में शराब बंदी के बाद यह पहली होली होगी. सूखी होली को गिली होली में बदलने के लिए शराब तस्कर सक्रिय हो गये हैं. पूर्व के अनुभवों के आधार पर होली में शराब की मांग काफी बढ़ जाती […]

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हालात. पिछले वर्ष मार्च में करीब साढ़े तीन करोड़ की बिकी थी शराब

सासाराम नगर : प्रदेश में शराब बंदी के बाद यह पहली होली होगी. सूखी होली को गिली होली में बदलने के लिए शराब तस्कर सक्रिय हो गये हैं. पूर्व के अनुभवों के आधार पर होली में शराब की मांग काफी बढ़ जाती है, इसे भुनाने के लिए तस्कर हर दावं अपना रहे हैं. होली के त्योहार पर शराब बिक्री के आंकड़ों पर नजर डालें, तो शराब बंदी से ठीक पहले वर्ष 2016 के मार्च महीने में करीब तीन करोड़ 17 लाख रुपये की शराब बिकी थी. वहीं, 2015 के मार्च महीने में करीब ढाई करोड़ रुपये की शराब जिले में बिकी थी. उसी आंकड़े को देख शराब तस्कर होली को गिली होली में बदलने को बेताब है. शराब के लिए तस्कर हर दावं अपना रहे हैं.
शराब का किया जा रहा स्टॉक: होली के मद्देनजर तस्कर शराब का भंडार करने लगे हैं. इस बार बंदी के कारण शराब का खुला बाजार नहीं होगा. इस लिए लुक छिप कर ही शराब की बिक्री होगी. चोरी छिपे भी शराब का करोड़ों का व्यापार होने की उम्मीद जतायी जा रही है. सूत्र बतातें हैं कि जिले में शराब की तस्करी में जुटे चार छोटूओं का सिंडिकेट इन दिनों अधिक सक्रिय हो उठा है. जो उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली, हरियाणा आदि राज्यों से शराब की तस्करी में लगे हैं. प्रतिदिन शराब की खेप जिले के विभिन्न जगहों पर पहुंच रही है. इसकी पुष्टी लगभग प्रतिदिन जिले के किसी न किसी क्षेत्र में पकड़ी जा रही शराब से होती है.
पुलिस के लिए होली भी चुनौती: शराबबंदी के बाद मोटा मुनाफा देख कई दूसरे धंधे के लोग भी इसमें उतर गये हैं. लेकिन, चार छोटूओं का छोटू सिंडिकेट ज्यादा प्रभावी तरीके से काम कर रहा है. इस होली छोटू सिंडिकेट पुलिस व उत्पाद विभाग के लिए चुनौती बनेगा. गौरतलब है कि 31 दिसंबर, 2016 से पहले शराब तस्कर अपना डफली, अपना राग बजा रहे थे. जब 31 दिसंबर की शाम ताराचंडी के समीप फोरलेन सड़क पर शराब से भरे तेल टैंकर को पकड़ा गया. उसके बाद तस्करों की बेचैनी बढ़ गयी. इसके बाद शराब तस्कर एक मंच पर आ गये. इसमें चार तस्करों की भूमिका अहम थी. संयोग है कि चारों के उपनाम छोटू हैं, सो सिंडिकेट का छद्म नाम छोटू सिंडिकेट ही रख दिया. होली को लेकर इसी सिंडिकेट के साथ शहर के उत्तरी क्षेत्र का एक नामचीन शराब तस्कर एक माह पूर्व जेल से जमानत पर रिहा हो सक्रिय हो उठा है.
कपड़ों की गांठ व पारचून सामान की पेटी में छिपा कर लायी जा रही शराब
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