हाइकोर्ट ने पूर्व मुख्य पार्षद नाजिया बेगम की बरखास्तगी को किया रद्द

Published at :24 Jan 2017 8:52 AM (IST)
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हाइकोर्ट ने पूर्व मुख्य पार्षद नाजिया  बेगम की बरखास्तगी को किया रद्द

सासाराम कार्यालय : नगर पर्षद में करोड़ों के घोटाले में आरोपित पूर्व मुख्य पार्षद नाजिया बेगम की पद से बरखास्तगी के आदेश को हाइकोर्ट ने सोमवार को रद्द कर दिया. न्यायमूर्ति एहसानुद्दीन अमानुल्ला की अदालत ने नाजिया बेगम को बरखास्त करने वाले नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद के आदेश को रद्द कर […]

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सासाराम कार्यालय : नगर पर्षद में करोड़ों के घोटाले में आरोपित पूर्व मुख्य पार्षद नाजिया बेगम की पद से बरखास्तगी के आदेश को हाइकोर्ट ने सोमवार को रद्द कर दिया. न्यायमूर्ति एहसानुद्दीन अमानुल्ला की अदालत ने नाजिया बेगम को बरखास्त करने वाले नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद के आदेश को रद्द कर दिया.
कोर्ट ने कहा कि एक प्रधान सचिव अमृतलाल मीणा ने सुनवाई की और दूसरे सचिव ने बिना किसी सुनवाई के बरखास्तगी का आदेश निकाल दिया, जो वैध नहीं है. सरकार चाहे तो फिर से कार्रवाई कर सकती है. इस संबंध में विपक्ष के अधिवक्ता एस कुमार मंगलम ने बताया कि कोर्ट ने बरखास्तगी का आदेश रद्द करते हुए नाजिया को पुन: मुख्य पार्षद के पद पर बहाल करने का आदेश दिया है. गौरतलब है कि सासाराम नगर पर्षद में वर्ष 2014-15 में करोड़ों रुपये के एलइडी, लैपटॉप, हाइमास्ट लाइट आदि खरीद में अनियमितता उजागर हुई थी. इस अनियमितता में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने नगर पर्षद की पूर्व मुख्य पार्षद नाजिया बेगम व उप मुख्य पार्षद सहित उस समय की सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज किया है. मामला अभी निगरानी के कोर्ट में चल रहा है.
इसी मामले में नगर विकास विभाग के सचिव ने मुख्य पार्षद नाजिया बेगम को अप्रैल 2016में पद से बरखास्त कर दिया था.
सासाराम कार्यालय. पूर्व हो चुकी नाजिया बेगम फिर से वर्तमान मुख्य पार्षद होंगी. कोर्ट के आदेश के बाद नाजिया समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है. इधर नाजिया की बरखास्तगी के बाद 25 जून 2016 को मुख्य पार्षद के पद पर आसीन नजमा बेगम के खेमें में मायूसी छा गयी. लोगों ने कहा अब क्या होगा नजमा का? काफी मशक्कत के बाद नजमा को कुरसी मिली थी. अभी जुम्मे-जुम्मे सात माह ही हुए थे कि फिर से कुरसी पर ग्रहण लग गया. नजमा खेमे को एक आशा की किरण मिली है और वह भी कोर्ट द्वारा सरकार चाहे तो फिर से कार्रवाई कर सकती है के आदेश का. इसी आस पर खेमा के झंड़ाबरदार सरकार में गुहार लगा सकते हैं. इधर, आलम यह है कि नगर पर्षद में चुनाव की रणभेरी बज चुकी है. मई में चुनाव होना लगभग तय है. कुल ले-देकर करीब तीन माह का समय बचा है. ऐसे में कुरसी पर बैठने व हटने की कार्रवाई कितनी तेज होती है.
यह भविष्य ही बतायेगा. सोमवार को कोर्ट ने आदेश पारित किया है. आदेश की प्रति निकलने और सरकार तक जाने में समय लगेगा. इसके बाद वैध चुनाव में जीती नजमा बेगम को लेकर सरकार के नगर विकास विभाग में माथा पच्ची होगी. तब कहीं जाकर मामला सुलझेगा. ऐसे में समय तो लगना ही है. कोर्ट के फैसले से खुश अधिवक्ता कमला पांडेय ने कहा कि यह न्याय की जीत है. उप मुख्य पार्षद चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि नाजिया की वापसी से गलत राजनीति करनेवालों को झटका लगा है. नाजिया बेगम को बधाई देनेवालों में पार्षद रीता सिन्हा, शशि पांडेय, विनोद प्रसाद आदि शामिल हैं.
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