मालामाल हो रहे माफिया
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :10 May 2016 7:53 AM (IST)
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सोन कैनाल. अवैध तरीके से निकाला जा रहा बालू सोन कैनाल से बालू उठाव का धंधा चल रहा है़ यहां से बालू का उठाव अवैध है़ इसके लिए सरकार को टैक्स भी नहीं दिया जाता है़ ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी प्रशासनिक हलकों में न हो़ बावजूद ऐसा हो रहा है़ इससे माफिया मालामाल हो […]
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सोन कैनाल. अवैध तरीके से निकाला जा रहा बालू
सोन कैनाल से बालू उठाव का धंधा चल रहा है़ यहां से बालू का उठाव अवैध है़ इसके लिए सरकार को टैक्स भी नहीं दिया जाता है़ ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी प्रशासनिक हलकों में न हो़ बावजूद ऐसा हो रहा है़ इससे माफिया मालामाल हो रहे हैं.
डेहरी ऑन सोन : शहर से गुजरने वाले सोन कैनाल से प्रशासनिक व्यवस्था को धता बताते हुए माफियाओं द्वारा ट्रैक्टरों के सहारे धड़ल्ले से बालू की निकासी हो रही है़ बिना राजस्व दिये उचित कीमत पर बालू बेच कर माफिया मालामाल हो रहे है. पुलिस मुख्यालय व अनुमंडल कार्यालय जाने के लिए मुख्य सड़क पर हाइडल के पास दिन में बालू निकालने का अवैध धंधा जारी है.
जबकि, उसी रास्ते वरीय पुलिस व प्रशासनिक पदाधिकारी आते-जाते हैं. हाइडल व हदहदवा पुल के दक्षिणी हिस्से में महज कुछ कदमों की दूरी पर कैनाल से निकाले जा रहे बालू का कितना बुरा प्रभाव हाइडल व पुल पर पड़ेगा. यह तो आने वाला समय ही बतायेगा. लेकिन, यह बात सही है कि अब तक इस खनीज संपदा के अवैध ढंग से उत्खनन से सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो चुका है.
यहां से कैसे होता है उठाव: इंद्रपुरी बराज से निकले सोन कैनाल के सूखे होने के कारण अनेक जगहों पर अवैध ढंग से बालू का उत्खनन जारी है. सबसे अधिक हाइडल के दक्षिणी हिस्से व भैंसहा पुल के पास निकाला जा रहा है. हाइडल के समीप जगजीवन कॉलेज की तरफ से खाली ट्रैक्टर कैनाल में उतरते हैं और बालू लोड होने के बाद तारबंगला की तरफ निकल कर एनएच टू सी से निकल जाते हैं. दोपहर व रात में उत्खनन का कार्य अधिक होता है. जानकार बताते हैं कि उक्त स्थल से इन दिनों प्रतिदिन 40 से 50 ट्रैक्टर बालू निकाला जा रहा है.
प्रभावित हो रहा कैनाल का तटबंध
अवैध ढंग से बिना कोई घाट व रास्ता बनाये कैनाल से बालू की निकासी किये जाने से उक्त स्थल पर दोनों तरफ के तटबंध प्रभावित हो रहा हैं. जगजीवन कॉलेज के सामने कैनाल के पश्चिमी तटबंध से खाली ट्रैक्टरों के प्रवेश व पूर्वी तटबंध से बालू भरे वाहनों को निकालने के लिए तटबंध को काट कर ढलान बनाये जाने से उक्त स्थलों पर तटबंध काफी कमजोर हो गया है.
बावजूद इसके सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा केवल यह कह कर अपने कर्तव्यों का इतिश्री मान लेना की इस संबंध में पुलिस प्रशासन को सूचना दे दी गयी है. लोगों की समझ में नहीं आ रहा है. इधर, अनुमंडल पदाधिकारी पंकज पटेल ने बताया कि इसकी जांच कर अवैध ढंग से बालू निकालने पर रोक लगायी जायेगी.
अधिकारियों की चुप्पी
शहर के अति महत्वपूर्ण सड़क व स्थल से बालू के उत्खनन कर कानून की उड़ाई जा रही धज्जियां. पर अधिकारियों की चुप्पी उनके कतव्यों पर प्रश्न चिह्न लगा रहा है. नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत उक्त स्थल सड़क से ही सामने दिखता है.
बावजूद इस अवैध धंधे से जुड़े लोगों के बढ़े हौसले अपने आप बहुत कुछ कह रहे हैं. शहर के निवासी इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि सरकार को बिना कोई राजस्व दिये प्रति ट्रैक्टर 11 सौ से 15 सौ रुपये मिलने पर इस अवैध धंधे के धंधेबाज तो मालामाल हो ही रहे हैं. इससे प्राप्त होने वाली राशि से कुछ अधिकारी व सरकारी कर्मियों की भी खुब चांदी कट रही है.
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