सात निश्चय के नाम पर दे रहे धोखा

Published at :05 May 2016 8:08 AM (IST)
विज्ञापन
सात निश्चय के नाम पर दे रहे धोखा

पूर्व उप मुख्यमंत्री व भाजपा नेता सुशील मोदी बुधवार को क्षेत्र में थे. इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा और कहा कि यह सरकार पुरानी योजनाओं को ही नये नाम से शुरू कर उन्हें सात निश्चय नाम दिया है. तिलौथू : वर्तमान सरकार सात निश्चय के नाम पर प्रदेश के लोगों को धोखा […]

विज्ञापन
पूर्व उप मुख्यमंत्री व भाजपा नेता सुशील मोदी बुधवार को क्षेत्र में थे. इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा और कहा कि यह सरकार पुरानी योजनाओं को ही नये नाम से शुरू कर उन्हें सात निश्चय नाम दिया है.
तिलौथू : वर्तमान सरकार सात निश्चय के नाम पर प्रदेश के लोगों को धोखा दे रही है. पुरानी व केंद्र सरकार की योजनाओं का नाम बदल कर सात निश्चय कर दिया गया है. उक्त बातें पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने तिलौथू में कहीं. वह यहां अपने आप्त सचिव शैलेंद्र ओझा की माता के श्राद्ध में शामिल होने आये थे. श्री मोदी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षित बेरोजगारों को एक हजार रुपये भत्ता देने की बात कह थी.
अब उसमें यह तर्क दे रही है कि बैंक से कर्ज लेने वालों, आइटीआइ किये छात्रों व 25 वर्ष से ऊपर के युवाओं को भत्ता नहीं मिलेगा. यह युवाओं को साथ धोखा है़ उन्होंने शराबबंदी के बारे में कहा कि शराबबंदी के बाद से अब तक जहरीली शराब पी कर 15 लोगों की जान जा चुकी है. जबकि, पुलिस की मिलीभगत से अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. मोदी ने कहा कि नीतीश सरकार के पास कृषि रोड मैप की कोई चर्चा नहीं.
पहले की सरकार की कई योजनाएं बंद कर दी गयी. पुरानी योजनाआें का नया नामकरण करके उसका नाम सात निश्चय रख दिया. ताड़ी पर प्रतिबंध लगा कर पासी समाज के दर्जनों लोगों को जेल में डाल दिया गया. इस मौके पर बिहार प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष मंगल पांडेय, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, विधान पार्षद राजन सिंह, लालबाबू सिंह, राधाचरण सेठ, पूर्व मंत्री भगवान सिंह, पूर्व विधायक सत्य नारायण यादव, रमेश चौबे, भोला सिंह, शशि भूषण प्रसाद, महेंद्र ओझा, संजय तिवारी व विशाल कुमार आदि मौजूद थे.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन