स्टांप की कालाबाजारी

Published at :01 Apr 2015 6:41 AM (IST)
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स्टांप की कालाबाजारी

अधिकारियों के ध्यान नहीं देने से लोग परेशान सासाराम (सदर) : न्यायिक कार्य से लेकर विभागों में एकरारनामा सहित कई कार्यो में इस्तेमाल होनेवाले नन ज्यूडिशियल स्टांप नहीं मिलने के कारण लोग परेशान हैं. स्टांप के अभाव में रजिस्ट्री, जमीन की खरीद-बिक्री व बंध पत्र (बांड पेपर) समेत अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं. वहीं, […]

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अधिकारियों के ध्यान नहीं देने से लोग परेशान
सासाराम (सदर) : न्यायिक कार्य से लेकर विभागों में एकरारनामा सहित कई कार्यो में इस्तेमाल होनेवाले नन ज्यूडिशियल स्टांप नहीं मिलने के कारण लोग परेशान हैं. स्टांप के अभाव में रजिस्ट्री, जमीन की खरीद-बिक्री व बंध पत्र (बांड पेपर) समेत अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं. वहीं, कुछ वेंडर (विक्रेता) स्टांप छुपा कर रखे हुए हैं, जिसे वह वास्तविक कीमत से अधिक रुपये लेकर बेच रहे हैं. लेकिन, अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रंग रहा है, जिससे कालाबाजारियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं.
वैसे तो सभी स्टांप अधिक कीमत पर मिल रहे हैं, लेकिन सबसे अधिक 100 रुपये व उससे कम मूल्य के स्टांप मिलने में परेशानी हो रही है
अधिक रुपये देना मजबूरी: ज्यूडिशियल स्टांप लेने आये लोगों को वेंडरों द्वारा एक ही जवाब दिया जाता है कि स्टांप नहीं है. लोगों द्वारा जब अधिक रुपये देने की बात कहीं जाती है तब जाकर स्टांप मिलता है. लोग परेशानियों से बचने लिए अधिक रुपये देकर स्टांप खरीदने के लिए मजबूर हैं. करन सराय निवासी मुरली कुमार शर्मा, विशाल कुमार जायसवाल, सत्येंद्र कुमार व चंदन कुमार आदि ने वेंडरों द्वारा एक जवाब दिया जाता है कि सौ रुपये का स्टांप नहीं है. लेकिन, दलाल को दो रुपये देने पर तुरंत स्टांप उपलब्ध करा दिया जाता है.
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