चक्कों की गिनती पर होती है रुपये की वसूली

Published at :18 May 2018 5:16 AM (IST)
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चक्कों की गिनती पर होती है रुपये की वसूली

बालू का खेल. वाहनों में जीपीएस व घाटों पर धर्मकांटा लगाना अनिवार्य, पर पालन नहीं बालू खनन में नियमों का पालन नहीं होने से नदी के अस्तित्व पर भी मंडरा रहा खतरा आस-पास के गांवों के घरों में पानी का लेयर नीचे खिसका सासाराम सदर : सरकार खनन नियमावली को सख्त कर दी है. हर […]

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बालू का खेल. वाहनों में जीपीएस व घाटों पर धर्मकांटा लगाना अनिवार्य, पर पालन नहीं

बालू खनन में नियमों का पालन नहीं होने से नदी के अस्तित्व पर भी मंडरा रहा खतरा
आस-पास के गांवों के घरों में पानी का लेयर नीचे खिसका
सासाराम सदर : सरकार खनन नियमावली को सख्त कर दी है. हर बालू व पत्थर ढोनेवाले वाहनों पर जीपीएस व बालू घाटों पर इलेक्ट्रिक धर्मकांटा लगाना अनिवार्य कर दिया है, ताकि बालू ओवरलोडिंग का खेल खत्म हो सके. लेकिन, इसके बावजूद बालू खनन क्षेत्र में अवैध वसूली का खेल जारी है. ट्रक ऑपरेटर संघ का कहना है कि अवैध वसूली बालू लदे वाहनों के चक्के की गिनती पर की जाती है. साथ ही खनन विभाग के कर्मचारी बालू घाटों के संवेदकों से मोटी रकम वसूलते हैं. इसके बदले में घाट पर ट्रक से चालान पर अंकित मूल्यों से दो ढाई गुना अधिक पैसा वसूला जाता है. फिर, क्षमता से दो गुना अधिक लोड कर दिया जाता है.
ट्रक ऑपरेटर संघ का कहना है कि अवैध वसूली बालू घाटों से लेकर रास्ते में भी होती है. संबंधित विभाग पकड़ने पर 10 चक्का वाले वाहन से 43,950 रुपये, 12 चक्का वाले वाहन से 53,950 रुपया, 14 चक्का से 65,000 रुपये वसूला जाता है. वहीं, ट्रक के ड्राइवर से ट्रक मालिक को बुलाकर आधा-आधा यानी 50 प्रतिशत पर समझौता करने की बात होती है. जिससे ट्रक मालिकों में काफी आक्रोश है.
हर घाट से हो रहा गीले बालू का उठाव
डीएम के गीले बालू का उठाव नहीं करने के आदेश दिये जाने के बाद भी बालू माफियाओं द्वारा पानीयुक्त बालू की लोडिंग करते रहते है. इससे सड़क के किनारे बराबर कीचड़ जमा होता रहता है. साथ ही सड़क भी जर्जर हो रही है. वहीं सड़क पर पानी एवं बालू गिरने से दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है, लेकिन घाट ठेकेदारों द्वारा सड़क से बालू की साफ-सफाई नहीं करायी जा रही है.
ट्रक ऑपरेटर संघ का खनन विभाग पर अवैध तरीके से रुपये की वसूली का आरोप
चालान के नाम पर की जा रही अवैध वसूली
बालू माफियाओं द्वारा चालान के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है. इससे ग्रामीणों को काफी महंगी दर पर बालू उपलब्ध हो पा रहा है. इतना ही नहीं, कई बार दलालों द्वारा भी राशि की उगाही की जा रही है.
खनन के लिए बदल दे रहे पानी की धारा
नियम के विरुद्ध बालू खनन करने से सोन के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है. हालात यहां तक पहुंच गये हैं कि बालू माफिया अवैध खनन के लिए सोन में पानी की धारा को बदल दे रहे हैं. सरकारी आदेशानुसार बालू का उठाव तीन फुट की जगह 20 से 25 फुट तक किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण भी प्रभावित हो रहा है. वहीं सोन तटीय गांवों के जलस्तर भी प्रभावित हो रहा है, जिससे गर्मी के दिनों में इन गांवों के चापाकलों के सूखने की समस्या सामने आती है.
बालू घाटों पर नहीं लगा धर्मकांटा
बालू घाटों पर धर्मकांटा नहीं लगाया गया है. जबकि, बालू की चोरी रोकने के लिए सरकार ने सभी बालू घाटों पर धर्मकांटा लगाने का आदेश दिया है, पर बालू ठेकेदारों द्वारा सरकार के आदेश को ठेंगा दिखाया जा रहा है. चालान के निर्धारित दर 1000 रुपये की जगह 13 से 15 सौ रुपये की वसूली अवैध तरीके से की जा रही है. इससे बालू ढुलाई में लगे वाहन मालिकों को भी परेशानी हो रही है. अधिक बालू लोडिंग करने के नाम पर राशि की उगाही की जा रही है.
इन्होंने लगाया वसूली का आरोप
रोहतास जिला ट्रक ऑपरेटर संघ ने चक्के के गिनती पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाया है. संघ के अध्यक्ष विनय कुमार, उपाध्यक्ष हीरा यादव, विजय सिंह, राजू सिंह, रामायण सिंह, मनोज सिंह, साधु सिंह, राजेश मोहन, बसंत सिंह आदि लोगों ने कहा कि बालू वाहनों पर क्षमता से अधिक लोडिंग किया जाता है. रास्ते में खनन विभाग ट्रक पकड़ने पर चक्के के हिसाब से अवैध वसूली करती है.
अभियान चलाने से मची है खलबली
अवैध खनन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. जिससे ट्रक ऑपरेटर संघ सहित अनेक ट्रक मालिकों में खलबली मची हुई है. विभाग द्वारा कोई अवैध वसूली नहीं किया जाता है. नियमनुसार कार्य किया जाता है. संघ व ट्रक मालिकों द्वारा सिर्फ जिला प्रशासन को बदनाम किया जा रहा है. अवैध खनन के प्रति कार्रवाई जारी रहेगा.
मोहम्मद जिउल्लाह, डीटीओ, सासाराम
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