न जल निकासी की व्यवस्था, न ही डीडीटी का हो रहा छिड़काव

Published at :29 Aug 2017 11:07 AM (IST)
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न जल निकासी की व्यवस्था, न ही डीडीटी का हो रहा छिड़काव

पिछले वर्ष इसी समय शहर में डेंगू के मरीजों की बढ़ी थी संख्या सासाराम नगर : शहर में जलजमाव से संक्रमित बीमारी का खतरा बढ़ गया है. यह हर वर्ष होता है. बड़ी संख्या में लोग गंभीर बीमारी के चपेट में आ जाते है. इस समय शहर में जहां-तहां गंदा पानी जमा है. इससे मच्छरों […]

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पिछले वर्ष इसी समय शहर में डेंगू के मरीजों की बढ़ी थी संख्या
सासाराम नगर : शहर में जलजमाव से संक्रमित बीमारी का खतरा बढ़ गया है. यह हर वर्ष होता है. बड़ी संख्या में लोग गंभीर बीमारी के चपेट में आ जाते है.
इस समय शहर में जहां-तहां गंदा पानी जमा है. इससे मच्छरों की संख्या बढ़ गयी है. नगर पर्षद की तरफ से न जलनिकासी की व्यवस्था की गयी है और न ही डीडीटी पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है. इसके कारण मलेरिया व वायरल बुखार तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है.
पिछले वर्ष जिले में डेंगू के मरीजोंकी संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई थी. इस वर्ष इसे लेकर लोग आशंकित हैं. जिले के पहाड़ी क्षेत्र के दर्जनों गांव मलेरिया की चपेट में है. मलेरिया से अब तक करीब 70-80 लोग आक्रांत है. अब तक पांच लोगों की मौत भी हो चुकी है. अब शहर के लोग भी इसकी चपेट में आने लगे हैं.
सदर अस्पताल में रोज पहुंच रहे सात सौ मरीज
सदर अस्पताल के आकड़े पर नजर डालें, तो स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाती है. इस वर्ष जून तक सदर अस्पताल में प्रतिदिन मरीजों कि संख्या औसतन 480 से 530 तक रहती थी. अगस्त के बीच में मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है.
इन दिनों प्रतिदिन मरीजों की औसत संख्या 700 के करीब पहुंच रही है. इसमें मलेरिया व वायरल से पीड़ितों की संख्या अधिक है. यहीं स्थिति निजी क्लिनिकों की भी है. हालांकि, अभी तक डेंगू का कोई मरीज सामने नहीं आया है. लेकिन संक्रमण जितना तेजी से फैल रहा है. इससे डेंगू की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
साफा-सफाई रखें व स्वच्छ पानी पीएं
जिले में मलेरिया व डेंगू का मरीज अब तक नहीं मिला है. कैमूर पहाड़ी पर मलेरिया से पांच लोगों की मौत होने की खबर बेबुनियाद है. सदर अस्पताल से डॉ प्रियमोहन सहाय के नेतृत्व में जो मेडिकल टीम गयी थी, उसने पहाड़ी के गांवों में पीड़ित लोगों की जांच की. स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है कि जो भी मौत हुई है वह लापरवाही के कारण हुई है.
वायरल बुखार होने पर लोग स्थानीय झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करा रहे थे. झोलाछाप डॉक्टर उन मरीजों को एंटीबायोटिक का ओवरडोज दिये, जिससे उनकी मौत हुई. बरसात के मौसम में वायरल बुखार बढ़ता है. लोग साफ व स्वच्छ पानी पीएं. उबाल कर पानी पीना ज्यादा अच्छा रहेगा. अपने घर के आस-पास साफ सफाई रखें. मच्छरदानी का इस्तेमाल करें. घबराने की जरूरत नहीं है. बुखार आने पर तुंरत किसी डॉक्टर से दिखाएं. झोलाछाप डॉक्टरों से उपचार कराने से बचें. सदर अस्पताल किसी भी स्थिति से निबटने के लिए पूरी तरह तैयार है.
डॉ नवल किशोर प्रसाद सिन्हा, सिविल सर्जन, रोहतास
इस मौसम में कभी बारिश तो कभी तेज धूप के कारण स्वास्थ्य पर काफी असर पड़ता है. इस मौसम में गंदगी के कारण मच्छरों की तादाद भी काफी बढ़ जाती है. इससे डायरिया, मलेरिया, वायरल बुखार जैसी बीमारी होती है. इससे निबटने के लिए मलेरिया विभाग मच्छर रोधी दवा का छिड़काव करता है. लेकिन, वर्तमान में मलेरिया विभाग के पास मशीन ही नहीं है. एक पुरानी मशीन है, लेकिन वह भी खराब पड़ा है. वहीं, नगर पर्षद भी रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है.
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