लाखों खर्च, फिर भी नहीं बदली शिव सरोवर की सूरत

Published at :28 Aug 2017 11:29 AM (IST)
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लाखों खर्च, फिर भी नहीं बदली शिव सरोवर की सूरत

संझौली : प्रखंड मुख्यालय संझौली में अवस्थित शिव सरोवर अपनी स्थिति पर आंसू बहा रहा है. दस बीघे में फैला यह सरोवर प्रखंड क्षेत्र सहित अनुमंडल क्षेत्र के बड़े सरोवरों में अपना नाम पहले स्थान में दर्ज करता है. वर्तमान में सरोवर के तट पर विशाल भव्य बाबा भोले नाथ, बाबा गणिनाथ मंदिर, बजरंग बली […]

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संझौली : प्रखंड मुख्यालय संझौली में अवस्थित शिव सरोवर अपनी स्थिति पर आंसू बहा रहा है. दस बीघे में फैला यह सरोवर प्रखंड क्षेत्र सहित अनुमंडल क्षेत्र के बड़े सरोवरों में अपना नाम पहले स्थान में दर्ज करता है.
वर्तमान में सरोवर के तट पर विशाल भव्य बाबा भोले नाथ, बाबा गणिनाथ मंदिर, बजरंग बली का मंदिर, भगवान चित्रगुप्त, भगवान श्रीकृष्ण, संत शिरोमणि रविदास भगवान, भगवान साई राम, माता गायत्री मंदिर सहित अन्य देवी देवताओं का मंदिर है. वहीं दूसरी तरफ लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की विशाल प्रतिमा लगा हुआ है.
प्रतिदिन पूजा करने आते हैं श्रद्धालु : सरोवर तट पर अवस्थित देवी देवताओं की पूजा अर्चना करने भक्त, श्रद्धालु प्रतिदिन आते है. स्थानीय लोगों की माने तो लगभग दस साल से सरोवर में श्रद्धालु स्नान कर देवी-देवताओं की पूजा अर्चना करते रहे है. सरोवर की साफ-सुथरी जल में मौजूद मछलियों को देखने के लिए लोग यहां आते रहते थे.
लेकिन वर्तमान समय में यह सरोवर जलकुंभी, घास एवं कचरों से भरा पड़ा है. गौरतलब है की हिंदू श्रद्धालु पवित्र एवं महापर्व छठ व्रत का अनुष्ठान करने सैकड़ों की संख्या में सरोवर तट पर आते जाते है. व्रत के समय समाजसेवी लोग स्नान एवं छठ व्रत के लिए बनाये गये घाट के इर्द-गिर्द साफ सफाई कर पुण्य के भागी बनते रहते है. सरोवर तट पर बने विशाल भगवान शिव के मंदिर को जो कोई एक बार देखता है तो कुछ देर के लिए देखते रह जाता है. फिर भी सरोवर की स्थिति बदहाल होती जा रही है.
पुरानी धरोहर पर किसी का ध्यान नहीं: सरकार द्वारा सरोवर तट के पूर्व एवं दक्षिण तरफ लगे विभिन्न प्रकार के पौधों को काट कर प्रखंड, अंचल सहित कई विभाग के कार्यालय बनाने के लिए ऊंची भवन तैयार की जा रही है. लेकिन इस पुरानी धरोहर के तरफ किसी का ध्यान नहीं है.
स्थानीय लोगों एवं शिव सरोवर विकास कमेटी द्वारा सरोवर के सौंदर्यीकरण कराने की मांग पर तत्कालीन विधायक जय कुमार सिंह ने विधायक कोष से तीन लाख, पूर्व जिप सदस्य पूनम देवी ने जिप कोष से एक लाख, पूर्व सांसद महाबली सिंह ने सांसद कोष से चार लाख एवं वर्तमान सांसद सह केंद्रीय राज्य मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा ने सांसद निधि कोष से पांच लाख रुपये दिया. संझौली पंचायत की मुखिया सरस्वती देवी ने लाखों रुपये की लागत से शिव मंदिर एवं छठ घाट के आस पास पीसीसी करा कर सौंदर्यीकरण कराया गया था. वृजमोहन साह द्वारा बाबा गणिनाथ के नाम से छठ घाट बनाया गया. साथ ही पिछले वर्ष जन प्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा सरोवर की साफ सफाई के लिए लाखों रुपये खर्च किये गये. लेकिन शिव सरोवर की तस्वीर नही बदली. वर्तमान में भी सरोवर जल कुंभी, घास एवं कचरों से भरा पड़ा है.
क्या कहते हैं लोग
शिव सरोवर विकास कमेटी के अध्यक्ष मारीच बाबा कहते हैं कि जब तक सरकारी अधिकारी सरोवर पर ध्यान नहीं देंगे, तब तक कुछ होने जाने वाला नहीं है. भोला पटेल कहते हैं कि ग्रामीणों व दुकानदारों से सहयोग राशि मांग कर भगवान शिव मंदिर की सौंदर्यीकरण कराने का काम किया जा रहा है. लेकिन सरोवर का सफाई सहयोग राशि से होने वाला नहीं है. राम प्रवेश चौधरी कहते हैं कि सरकार सरोवर की जमीन पर करोड़ों रुपये की लागत से इमारतें तैयार कर रही है, लेकिन सरोवर की स्थिति पर कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं देते है.
क्या कहते हैं अधिकारी
प्रखंड मनरेगा पदाधिकारी संजय सिन्हा की माने तो सरोवर की साफ सफाई के लिए मनरेगा से राशि मिलना संभव नहीं है. इसकी सफाई सांसद या विधायक मद से या लोगों के आपसी सहयोग से ही संभव है.
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