"40 प्रति किलो के नीचे अच्छी सब्जी नहीं

Published at :01 Aug 2017 9:02 AM (IST)
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"40 प्रति किलो के नीचे अच्छी सब्जी नहीं

सासाराम शहर : बारिश भले ही खेती में फील-गुड का अहसास करा रही हो, लेकिन हरी सब्जियों में इससे आग लग गयी है. बाजार में कोई भी सब्जी 40 रुपये प्रति किलो की दर से नीचे नहीं मिल रही हैं. भाव को लेकर टमाटर का रंग तो और भी कड़क हो गया है. सबसे अधिक […]

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सासाराम शहर : बारिश भले ही खेती में फील-गुड का अहसास करा रही हो, लेकिन हरी सब्जियों में इससे आग लग गयी है. बाजार में कोई भी सब्जी 40 रुपये प्रति किलो की दर से नीचे नहीं मिल रही हैं. भाव को लेकर टमाटर का रंग तो और भी कड़क हो गया है. सबसे अधिक परेशानी गरीब-गुरबों को हो रही है. इस दौरान आलू की खरीदारी कर रहे दैनिक मजदूर विनोद ने कहा कि फिलहाल वह चोखा से काम चला रहे हैं.
स्वाद बदले को जी मचलता तो है परंतु, दिनभर की इस कमाई में उसके लिए हरी सब्जियों की खरीदारी करना अभी संभव नहीं है. दरअसल, बारिश के बाद खेतों में पानी जमा हो गया है. इस कारण बहुतेरों ने सब्जी की जगह अनाज पैदावार में रुचि लेना शुरू कर दिया है.
सब्जी उत्पादक रामप्रवेश कुशवाहा ने बताया कि सब्जियों की नयी फसल बोने का काम शुरू हो गया है. हालांकि, बाजार में इसके आने में अभी एक से दो माह की देरी है. इसके कारण भाव में अभी कमी आने की गुंजाइश नहीं है. वहीं, एक कारोबारी ने बताया कि रांची क्षेत्र में उपजने वाली सब्जियों की आवक में भी लगभग एक माह की देरी है. हालांकि, बाजार में उसकी आमद होने के बाद कुछ गिरावट आने की उम्मीद है.
खेतों पानी भरने से हरी सब्जियों की आवक कम: गोला बाजार स्थित सब्जी मंडी के व्यवसायी मुकेश बताते हैं कि सब्जियों की आवक जिले के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी ज्यादा होती है. बारिश से सब्जी के खेत डूब जाते हैं. इस वजह से हर साल इस मौसम में सब्जियों की आवक कम हो जाती हैं. टमाटर भी अभी जो आ रहा है, वह बाहर से आ रहा है. वहीं, कुछ राज्यों में ग्रीन हाउस बना सालों भर सब्जियों की खेती होती है. जिससे बाजार में बेमौसम की सब्जियां भी दिख रही है.
टमाटर ने तोड़े पिछले सारे रिकॉर्ड
सीजन में पांच रुपये किलो के भाव जिस टमाटर को खरीदने से लोग ऊब चुके थे. उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उन्हें इस सीजन में उसकी भरपाई करनी पड़ेगी. बल्कि, नौबत यह है कि अधिकतर लोग टमाटर के भाव पूछ कर ही सरक ले रहे हैं. एक बात और है कि इस बार टमाटर के बढ़े भाव ने लोगों के लिए चर्चा का विषय बना दिया है.
इस समय टमाटर का भाव सौ रुपये प्रति किलो से भी अधिक हो गया है. हालांकि, जिले में जब किसानों को टमाटर बेचने की बारी रहती है, तो उन्हें 10 रुपये किलो का भाव भी नहीं मिलता. वहीं, अभी यह सौ रुपये प्रति किलो से आगे के भाव पर मिल रहा है.
फल खाएं या सब्जी दोनों के भाव सामान्य
फिलहाल, मंडी में सब्जियों का भाव जो बना हुआ है उसमें फल खाएं या सब्जी दोनों के भाव सामान्य बने हुए हैं. हालांकि, यह तो तय है कि कई एक मामलों में शरीर के लिए आवश्यक पौष्टिक पदार्थ की प्राप्ति फल से कर ली जाये. लेकिन, स्वाद व कुछ पौष्टिक आहार की प्राप्ति सब्जियों से ही संभव है. वैसे भी सब्जियों की भरपाई सिर्फ फलों से नहीं हो सकती. इधर, जहां हरी सब्जियां लगभग 40 के भाव मिलते दिख रही हैं. वहीं, फलों में अनार, केला, अमरूद एवं आम भी लगभग इसी भाव मिल रहे हैं.
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