बच्चों से पुरानी किताबें एकत्र कराने की प्लानिंग हो गयी फेल

Published at :09 Jul 2017 5:08 AM (IST)
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बच्चों से पुरानी किताबें एकत्र कराने की प्लानिंग हो गयी फेल

नासरीगंज : प्रखंड में कुल 39 मध्य विद्यालय हैं. प्रखंड के विभिन्न स्कूलों में नये सत्र की पढ़ाई तो शुरू हो गयी है. लेकिन, पढ़ाई के लिए किताबों की व्यवस्था नहीं हो सकी है. इसको देखते हुए कई विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने पुरानी किताबों को एकत्र करके उससे पढ़ाई कराने के लिए आदेश जारी किया […]

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नासरीगंज : प्रखंड में कुल 39 मध्य विद्यालय हैं. प्रखंड के विभिन्न स्कूलों में नये सत्र की पढ़ाई तो शुरू हो गयी है. लेकिन, पढ़ाई के लिए किताबों की व्यवस्था नहीं हो सकी है. इसको देखते हुए कई विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने पुरानी किताबों को एकत्र करके उससे पढ़ाई कराने के लिए आदेश जारी किया था. यह आदेश शिक्षकों के गले की हड्डी बन गयी है. पुरानी किताबों को बच्चों से एकत्र करने के टास्क ने उनका पसीना छुड़ा दिया है. कई स्कूलों में पुरानी किताबों को बच्चों से लेने में आ रही समस्याओं के बारे में शिक्षकों ने बताया कि अधिकतर बच्चों की किताबों के कई पेज फटे हुए है. इतना ही नहीं क्लास में कई बच्चे ऐसे भी

हैं जिनकी किताबें खो गयी है. इस परिस्थिति में पुरानी किताबों को एकत्र करके दूसरे बच्चों में वितरण करना बेहद कठिन हो गया है. शिक्षकों ने बताया कि इस प्रक्रिया में दूसरी भी कई प्रकार की समस्याएं आ रही है. जिनका निराकरण करना वास्तविकता में संभव नहीं है. ऐसे में नए सत्र में किताबों के बिना ही बच्चों को पढ़ाई कराना मजबूरी हो गई है. उनलोगों ने यह भी बताया कि बच्चों में पढ़ाई के दौरान नई किताबों के प्रति अधिक क्रेज रहता है. जिससे वे पढ़ाई में अधिक रुचि लेते है. लेकिन नयी क्लास में अगर पुरानी किताबें बच्चों को दी जाएं, तो उनमें पढ़ाई को लेकर क्रेज नहीं होता है. सबसे अधिक संख्या ऐसे बच्चों की है, जिनकी किताबें फटी हुई है. अगर उनकी दशा को ठीक भी करायी जाये तो भी पढ़ने लायक नहीं होगी. इतना ही नहीं सभी विषयों की किताबें एक-एक करके बच्चों से हासिल करना भी बेहद मुश्किल है. इन सबके चलते पुरानी किताबों के सहारे नये सत्र में पढ़ाई कराना बेहद मुश्किल हो गया है. राजकीय कृत मध्य विद्यालय इटिम्हा की छात्रा सिमरन कुमारी, रंभा कुमारी, सफक नसीर का कहना है कि पुस्तक के बिना हम लोगों की पढ़ाई ठीक ढंग से नहीं हो पा रही है और न ही हमलोग कोई होमवर्क कर पा रहे हैं. इससे शिक्षकों के द्वारा हम लोगों के ऊपर दबाव बनाया जा रहा है. राजकीय कृत मध्य विद्यालय इटिम्हा, पैगा, कैथी, जमालपुर, अतिमि, लालाअतिमि, सवारी, चारगोड़िया के प्रधानाध्यापकों का कहना है कि चार माह समाप्त होने के बाद भी विभाग द्वारा छात्र-छात्राओं को पुस्तक उपलब्ध नहीं कराया जा सका है.

सभी विद्यालयों में पाठ्य-पुस्तकों की कमी के कारण छात्र-छात्राओं के पठन-पाठन में दिक्कतें आ रही हैं. पिछले वर्ष के उत्तीर्ण बच्चों से पुस्तक लेकर 50 से 60 प्रतिशत बच्चों के बीच पुस्तक उपलब्ध करा दी गयी है. शेष बच्चे बिना पुस्तक के ही पढ़ाई कर रहे हैं. बीइओ अंबिका राम ने बातचीत में कहा कि विभाग से हमारे पास किताबें उपलब्ध नहीं करायी गयी. इसके कारण प्रखंड के किसी भी विद्यालय में किताबें नहीं गयी है. अगर विभाग की तरफ से मेरे पास किताबें आती है, तो मैं जल्द ही सभी विद्यालयों में किताबें उपलब्ध करा दिया जायेगा.

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