राज्यसभा चुनाव के नामांकन में बचे 2 दिन, मांझी की डिमांड ने बढ़ाई NDA की धड़कनें, तेजस्वी पर सस्पेंस

Rajya Sabha
Rajya Sabha Election 2026: बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गयी है, लेकिन अब तक किसी दल ने अपने उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किये हैं राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि आखिरी दिन ही नामांकन होगा और उसी दिन गठबंधन की असली रणनीति सामने आएगी
Rajya Sabha Election 2026: बिहार की राजनीति में इन दिनों राज्यसभा चुनाव ने पारा चढ़ा दिया है सूबे की पांच सीटों पर होने वाले इस चुनाव के लिए नामांकन के अब महज दो दिन बचे हैं, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, किसी ने भी अब तक अपने पत्तों का खुलासा नहीं किया है.
सोमवार और गुरुवार को नामांकन के आखिरी मौके होंगे, क्योंकि बीच में होली की छुट्टियां पड़ रही हैं. माना जा रहा है कि 5 मार्च को ही सभी दिग्गज अपना पर्चा दाखिल करेंगे, जिससे अंतिम समय में बड़े उलटफेर की संभावना बनी हुई है.
NDA में सीट बंटवारे का गणित
विधानसभा की मौजूदा दलीय स्थिति को देखते हुए अनुमान है कि भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड के दो-दो उम्मीदवार निर्विरोध जीत सकते हैं. पांचवीं सीट के लिए एनडीए को अतिरिक्त वोट जुटाने होंगे.
इसी सीट पर वर्तमान सांसद उपेंद्र कुशवाहा को फिर मौका मिलने की चर्चा है, हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है.
जदयू कोटे की सीटों के लिए कई नाम चर्चा में हैं. इनमें केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, पूर्व आइएएस अधिकारी मनीष वर्मा, हर्षवर्द्धन सिंह समेत कुछ नए चेहरों की संभावना जतायी जा रही है. हालांकि इनमें से उम्मीदवारी पर अंतिम मुहर पार्टी हाइकमान की बैठक और सहमति के बाद ही लगेगी. इसके बाद ही नामांकन होगा.
वहीं भाजपा भी दो उम्मीदवार उतार सकती है. पार्टी की ओर से उम्मीदवारों के नाम रविवार की शाम से सोमवार तक तय किये जायेंगे. उम्मीद की जा रही है कि पार्टी एक बार फिर चौकाने वाले नाम तय कर सकती है, सो सीटों में एक अति पिछड़ा और एक सवर्ण कोटे से उम्मीदवार दिये जाने की चर्चा है.
क्या तेजस्वी जाएंगे राज्यसभा?
विपक्ष के खेमे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या राजद अपने कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव को राज्यसभा भेजेगी? हालांकि, लालू परिवार के करीबी सूत्रों ने फिलहाल इन खबरों का खंडन किया है, लेकिन राजनीति में ‘कभी नहीं’ जैसा कुछ नहीं होता.
राजद की ओर से एक सीट पर दावेदारी तय है, जिसका फैसला लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी के पटना पहुंचने के बाद ही होगा. 16 मार्च को होने वाले इस चुनाव से पहले बिहार की सियासत में ‘खेला’ होने की उम्मीदें अभी भी बरकरार हैं, क्योंकि राजद भी विपक्षी एकजुटता के दम पर अपनी गोटियां सेट करने में जुटा है.
मांझी का दावा, गठबंधन पर दबाव
इस चुनावी रण में सबसे ज्यादा चर्चा केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बयान की हो रही है. गया में मांझी ने सीधे तौर पर भाजपा को 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले किया गया वह वादा याद दिलाया है, जिसमें उन्हें एक राज्यसभा सीट देने की बात कही गई थी. मांझी का साफ कहना है कि उन्होंने एनडीए के लिए लोकसभा सीट जीती है, इसलिए अब हक बनता है.
मांझी की इस दावेदारी ने एनडीए के भीतर सीट शेयरिंग के समीकरण को उलझा दिया है. फिलहाल दलीय स्थिति को देखें तो भाजपा और जदयू के खाते में दो-दो सीटें जाती दिख रही हैं, जबकि पांचवीं सीट के लिए एनडीए को तीन अतिरिक्त वोटों की दरकार होगी.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नामांकन के अंतिम दिन तक तस्वीर साफ होगी. यह चुनाव सिर्फ सीटों का नहीं, बल्कि बिहार में गठबंधन के अंदर ताकत संतुलन का संकेत भी देगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




