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आज घर-घर पधारेंगी मां लक्खी, स्वागत को तैयार है बंग समुदाय

Updated at : 05 Oct 2025 5:51 PM (IST)
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आज घर-घर पधारेंगी मां लक्खी, स्वागत को तैयार है बंग समुदाय

स्वागत को तैयार है बंग समुदाय

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दुर्गाबाड़ी समेत बंगाली मुहल्लों में सोमवार की संध्या घर घर होगा पूजन अनुष्ठानपूर्णिया. शरद पूर्णिमा पर सोमवार को दुर्गाबाड़ी और आसपास के मुहल्लों में घर-घर मां लक्खी पधारेंगी. बंग समुदाय के लोग अलक्खी को विदा कर पूजन अनुष्ठान करते हुए अपने-अपने घरों में मां लक्खी का शुभ प्रवेश कराएंगे. विधि विधान और मंत्रोच्चार के साथ पूजा कर सुख, शांति और धन-सम्पदा की मन्नतें मांगेंगे. शहर के बंग समाज के लोगों ने एक दिन पहले से अनुष्ठान की तैयारी कर ली है. बंगाली समुदाय के लोग यह दिन कोजागरी लक्खी पूजा के नाम से मनाते हैं. शरद पूर्णिमा के दिन बंगाली समाज के लोग मंडप में मां की प्रतिमा स्थापित करते हैं और घर में विशेष पूजा की जाती है.

बंग समाज में प्रचलित है लक्खी पूजा

आम तौर पर दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजा की जाती है. इस दिन गणेश और लक्ष्मी की पूजा की जाती है. लेकिन शरद पूर्णिमा के दिन बंग समाज में लक्ष्मी यानी लक्खी पूजा की जाती है. इस दिन लक्ष्मी के साथ-साथ नारायण की पूजा का भी विधान है. बंग समाज में यह विशेष रूप से कोजागरी लक्खी पूजा के नाम से प्रचलित है. पूर्णिया में खास तौर पर दुर्गाबाड़ी और गांगुली पाड़ा बंगाली बहुल मुहल्ला है जहां इसे घर-घर उत्सव के रुप में मनाया जाता है. बंग समाज के बीच यह मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी लोक पर विचरण करती हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाओं को पूरा करती हैं.

हलवा-पूड़ी और खीर का लगेगा भोग

बंग समाज के बुजुर्गों की मानें तो लक्खी पूजा में हलवा-पूड़ी के साथ खीर का भोग लगाने की परंपरा रही है. इसमें नारियल-गूड़ से बने लड्डू और नारियल की मिठाई के भोग भी लगाए जाते हैं. इस पूजा में विभिन्न प्रकार के अनाज समेत कई फल चढ़ाए जाने की भी परंपरा है. मान्यता के अनुसार 11 प्रकार के व्यंजनों का भोग मां लक्खी को अर्पित किया जाता है. कई घरों में छत पर या खुले में खीर रखकर अगले दिन सुबह उसका सेवन किया जाएगा. कुछ लोग चूरा और दूध भी भिगोकर रखा जाता है. इसके पीछे यह तर्क है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा कि किरणों से अमृत बरसता है.

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बाड़ीहाट में आज सजेगा देवी लक्ष्मी का दरबार

पूर्णिया. प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी शहर के बाड़ीहाट में सोमवार की शाम धन की देवी मां लक्ष्मी का दरबार सजेगा. बाड़ीहाट स्थित लक्ष्मी पूजा समिति के द्वारा मां लक्ष्मी के पूजन अनुष्ठान का आयोजन धूमधाम से किया जा रहा है. सोमवार की शाम को 7 बजे के बाद विधि-विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा कर पूजा अर्चना की जाएगी. मंगलवार की सुबह प्रतिमा पूजा के बाद आरती होगी और प्रसाद वितरण होगा. इस मौके पर मंदिर के प्रांगण को भव्य तरिके से सजाया गया है. आयोजन समिति द्वारा हर साल की तरह मेला का भी आयोजन किया गया है. समझा जाता है कि सोमवार की शाम से बाड़ीहाट में भक्तों की भीड़ जुटेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH CHANDRA

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AKHILESH CHANDRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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