आंध्र प्रदेश से मजदूरी कर लौटे दो दर्जन से अधिक मजदूरों में से अबतक तीन की मौत, अन्य की हालत नाजुक

Published by : ARUN KUMAR Updated At : 02 Jun 2026 6:16 PM

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दो दर्जन से अधिक युवा मजदूरों को आकर्षक वेतन का लालच दे कर जियनगंज गांव के लेबर एक ठेकेदार अपने साथ आंध्र प्रदेश स्थित एक मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में काम करने ले गया था.

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कसबा से प्रतिनिधि की रिपोर्ट :

स्थानीय ठेकेदार द्वारा मजदूरों को बहला फुसला कर भेजा गया था आंध्र प्रदेश

कसबा (पूर्णिया). हमारे बच्चे गये थे स्वस्थ हंसते- खेलते और वापस लौटे एक जिंदा लाश बनकर. अपने बच्चों को अपनी आंखों के सामने ही तिल- तिल कर मरते हुए देखने को मजबूर होना पड़ रहा है. यह किसी फिल्मी कहानी का संवाद नहीं बल्कि हकीकत है. पूरा मामला कसबा प्रखंड के गुरही पंचायत अंतर्गत जीयनगंज गांव एवं नगर परिषद के वार्ड संख्या 12 के तारानगर मोहल्ले की है जहां लगभग आज से एक वर्ष पूर्व दो दर्जन से अधिक युवा मजदूरों को आकर्षक वेतन का लालच दे कर जियनगंज गांव के लेबर एक ठेकेदार अपने साथ आंध्र प्रदेश स्थित एक मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में काम करने ले गया था. पाउडर निर्माण के दौरान निकलने वाली धूल से सभी मजदूर धीरे- धीरे बीमार होने लगे. जब मजदूरों ने काम करने से मना कर दिया और घर जाने की कोशिश की तो ठेकेदार एवं फैक्ट्री के कर्मियों ने मजदूरों के साथ मारपीट कर जबरन उससे काम करवाने लगे. तकरीबन एक वर्ष तक काम करते-करते जब ये मजदूर गंभीर रूप से बीमार हो गये तो इनके परिजनों द्वारा मजदूरों को अपने खर्च से अपने अपने घर लाया गया जहां मंगलवार को कसबा प्रखंड के जियनगंज गांव निवासी बीमार मजदूर 22 वर्षीय मो. मसद पिता मुश्ताक आलम की मौत हो गई. इतना ही नहीं बीमार मजदूर मो मसद की मौत से चार दिन पूर्व ही सर्रा बथना निवासी 18 वर्षीय बीमार मजदूर अरविंद कुमार ऋषि, नगर परिषद कसबा के वार्ड संख्या 12 तारानगर मोहल्ला निवासी कुंदन कुमार एवं जियनगंज गांव के ही निवासी मो मुस्तफा सहित एक अन्य बीमार मजदूर की मौत हो चुकी है. इसकी पुष्टि मृतक मजदूरों के परिजनों ने की है. वहीं मंगलवार को जब बीमार मजदूर मो मसद की मौत हो गई तो इससे गुस्साए मृतक के परिजनों ने स्थानीय ठेकेदार के घर पहुंच कर हंगामा किया. इस बीच घटना की सूचना कसबा पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही कसबा थाना पुलिस मौके पर पहुंच कर शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच पूर्णियां भेज दिया.

जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे पांच मजदूर

आंध्र प्रदेश से वापस लौटे बीमार दो दर्जन मजदूरों में से जहां चार की मौत हो गई है. वहीं सात की स्थिति काफी नाजुक बतायी जा रही है. जियनगंज गांव निवासी मजदूर 18 वर्षीय मो राजिक, 20 वर्षीय श्रवण ऋषि, रंजीत कुमार ऋषि, सीतेश कुमार ऋषि, विक्रम कुमार ऋषि, दानिश आलम एवं तारानगर मोहल्ला निवासी गांगुली कुमार की हालत नाजुक बतायी जा रही है. इनमें मो दानिश का इलाज पटना एम्स में हो रहा है. जबकि श्रवण कुमार का इलाज जीएमसीएच में हो रहा है. वहीं अन्य मजदूरों का इलाज घर में ही रख कर किया जा रहा है. उनकी जान ऑक्सीजन सीलेंडर पर ही टिकी हुई है. बीमार मजदूरों के परिजनों ने बताया कि इलाज के लिए काफी रुपए खर्च हो चुके है अब तो जमीन व मवेशी बेच कर बच्चों का इलाज किया जा रहा है. किसी भी समय बच्चे की जान जा सकती है.

क्या कहते है थानाध्यक्ष

मामले को लेकर कसबा थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन ने बताया कि सूचना के बाद मृतक मजदूर के शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है. हालांकि मृतक मजदूर के परिजनों के द्वारा अब तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है.

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