पूर्णिया. पूर्णिया प्रक्षेत्र के डीआइजी प्रमोद कुमार मंडल ने अररिया के अंचल पुलिस निरीक्षक जहांगीर आलम खां द्वारा बरती गयी लापरवाही और कांडों के पर्यवेक्षण में अनियमितता बरतने के संबंध में उनसे स्पष्टीकरण पूछा है. डीआइजी द्वारा गत 26 मार्च को अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया गया था. निरीक्षण के क्रम में कई त्रुटियां पायी गयी. निरीक्षण टिपण्णी में कहा गया है कि जोकीहाट थाना कांड संख्या- 309 / 24 के जख्मी के सर पर रड, तलवार, फरसा से हमला किया गया. इसमें मुख्य जख्म का जांच प्रतिवेदन रिर्जव था. इसके बावजूद अंचल निरीक्षक द्वारा बिना जख्म प्रतिवेदन का रिर्जव ओपिनियन प्राप्त किये बीएनएस की धारा-109, (307 भादवि) को मनमाने ढंग से अभियुक्त को लाभ पहुंचाने की नियत से हटा दिया गया.109 बीएनएस हटाने के पूर्व पुलिस अधीक्षक से अनुमोदन आवश्यक है, जो उनके द्वारा नहीं लिया गया जो उनके गलत मंशा को परिलक्षित करता है. सितम्बर 2024 को पदभार ग्रहण करने के पश्चात दर्जनों यूडी कांड प्रतिवेदित हुये लेकिन पुनि एक भी यूडी कांड में घटनास्थल का निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण नहीं किया गया. निरीक्षण के क्रम में जब पुनि से यूडी कांड के पर्यवेक्षण टिप्पणी की कॉपी कि मांग की गयी तो उनके द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया. यूडी काण्ड का नियंत्रण पूर्णतः अंचल निरीक्षक के अधीन होता है. 2020 से अबतक कुल 75 कांड लंबित है, जिसके निष्पादन में पुनि द्वारा रूचि नहीं ली गयी.निरीक्षण टिपण्णी में कहा गया है कि पुनि अंचल अन्तर्गत आरएस, सिकटी एवं जोकीहाट थाना का अपराध अनुक्रमणी जांच किया गया. इसके अवलोकन से पाया गया कि अधिकतर शीर्ष के कांडों में जिसमें आरोप पत्र समर्पित हुआ है, की प्रविष्टि की गयी लेकिन धारा का उल्लेख नहीं है और ना ही आपके द्वारा हस्ताक्षरित किया गया है जो आपके लापरवाही को दर्शाता है. निर्देश है कि उपरोक्त आरोप के संबंध में आप अपना लिखित स्पष्टीकरण 07 दिनों के अन्दर पुलिस अधीक्षक, अररिया के माध्यम से इस कार्यालय को भेजें.
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