ePaper

बच्चों में कोल्ड डायरिया तो बूढों में बढ़ी श्वांस संबंधी परेशानी

Updated at : 18 Jan 2025 5:57 PM (IST)
विज्ञापन
Purnia University

बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत

विज्ञापन

मौसम की मार. ठंड से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत

पूर्णिया. जिले में जारी ठंढ ने नौनिहालों के लिए परेशानी बढ़ा दी है. नतीजतन उनमें सर्दी, खांसी, कफ़, न्यूमोनिया के साथ साथ कोल्ड डायरिया का असर देखा जा रहा है. इधर राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल स्थित बच्चा वार्ड में लगभग सभी बेड फुल हैं जहां बच्चों का इलाज चल रहा है. जानकारी के अनुसार कोल्ड डायरिया मामले में यहां लगभग आधा दर्जन बच्चे प्रति दिन इलाज के लिए भर्ती किये जा रहे हैं. वहीं निजी चिकित्सकों के यहां भी ठंड से पीड़ित मरीजों की भीड़ है. चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों में कफ के अलावा उल्टी और दस्त की शिकायतें भी आ रहीं हैं. कोल्ड डायरिया के अलावा अधेड़ उम्र के लोगों में विभिन्न कारणों से श्वांस संबंधी परेशानियां देखी जा रही हैं. इनमें सर्दी, खांसी व सीने में जकड़न की समस्या प्रमुखता लिए है. इस मामले में चिकित्सकों का कहना है कि ठण्ड से बचाव के साथ साथ प्रभावित लोगों और बच्चों में विशेष सावधानी रखने की जरुरत है. खासकर कोल्ड डायरिया के केस में शरीर में पानी की कमी न हो इसका भी ख्याल रखना चाहिए. जितनी जल्दी हो सके चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है. दूसरी ओर ठंड में अमूमन मानव शरीर की नसें सिकुड़ जाती हैं जिस वजह से शरीर में रक्त संचार प्रभावित होता है और ज़रा सा भी एक्सपोजर लगने से स्ट्रोक की संभावना बढ़ जाती है. इनमें प्रभावित व्यक्ति को ब्रेन हैमरेज, हार्टअटैक और पक्षाघात भी हो सकते हैं. इस मौसम में जो भी हृदयरोगी हैं या शुगर के मरीज हैं उन्हें सतर्क रहने की जरुरत है. इस मौसम में स्ट्रोक की समस्या आती है. बीपी और शुगर के मरीजों को दवा हर रोज लेनी चाहिए. इन दोनों की जांच समय समय पर करवाना भी जरुरी है. फिलहाल सभी उम्र के लोगों और बच्चों के लिए ठंड से बचाव ही सुरक्षा है.

बोले चिकित्सक

ठंड में बच्चे से लेकर सभी उम्र के लोगों में स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियां आती हैं. इनमें सर्दी, खांसी, कफ आदि मौसमी बीमारी के अलावा सांस संबंधी परेशानियां दमा, ह्रदय, पक्षाघात जैसे मामले भी बढ़ जाते हैं. ठंड से बचाव और चिकित्सकों की सलाह पर दी गयी दवा के नियमित सेवन से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है.

डॉ. ऋषभ सिंह, फिजिसियन, जीएमसीएच फोटो – 18 पूर्णिया 6- जीएमसीएच स्थित बच्चा वार्ड में इलाजरत बच्चे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन