पूर्णिया में सफाई व्यवस्था ठप, छठे दिन भी जारी सफाईकर्मियों की हड़ताल, बाजारों और मोहल्लों में फैला कचरा
शहर के भट्ठा बाजार के बीच सड़क पर जमा कचड़ा का अंबार और निगम कार्यालय में प्रदर्शन करते सफाई कर्मी | Prabhat Khabar Network
पूर्णिया में सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार छठे दिन भी जारी है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है. बाजारों और मोहल्लों में कचरे का अंबार लग गया है, जिससे बारिश के मौसम में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.
Purnia News: पूर्णिया नगर निगम के सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को लगातार छठे दिन भी जारी रही. हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और मुख्य बाजारों से लेकर गली-मोहल्लों तक कचरे का अंबार लग गया है. बारिश के मौसम में सड़कों पर जमा कचरे से उठ रही दुर्गंध ने आम लोगों, दुकानदारों और राहगीरों की परेशानी बढ़ा दी है, जबकि संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी गहराता जा रहा है.
बिहार लोकल बॉडीज एम्प्लाइज फेडरेशन और बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर चल रही इस हड़ताल का असर अब केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है. नगर निगम कार्यालय के कई विभागों में ताले लटकने से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आवास योजना और अन्य नागरिक सेवाओं का काम भी प्रभावित हो गया है.
शहर के बाजारों और मोहल्लों में कचरे का अंबार
हड़ताल के कारण भट्टा बाजार, खुश्कीबाग, बस स्टैंड, झंडा चौक, मधुबनी, चित्रवानी रोड, आरएन शाह चौक सहित कई प्रमुख इलाकों में कचरा जमा हो गया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर कचरे के ढेर कई दिनों से नहीं उठाए गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तेज बदबू फैल रही है और लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है.
डोर-टू-डोर कचरा उठाव पूरी तरह ठप
नगर निगम क्षेत्र में सामान्य दिनों में रोजाना लगभग एक टन कचरा उठाया जाता था.
सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण पूरी तरह बंद है. अनुमान है कि छह दिनों में करीब छह टन कचरा शहर के विभिन्न इलाकों में जमा हो चुका है.
बारिश के मौसम में बढ़ा बीमारी का खतरा
बारिश के कारण खुले में पड़े कचरे में पानी भरने और सड़ने की प्रक्रिया तेज हो गई है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी स्थिति में मच्छरों और अन्य रोग फैलाने वाले कीटों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे डेंगू, मलेरिया, दस्त और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
सफाईकर्मी अपनी मांगों पर अड़े
हड़ताली कर्मचारी नगर निगम कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं.
उनकी प्रमुख मांगों में सेवा का स्थायीकरण, समान काम के लिए समान वेतन और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करना शामिल है.
संघ के मंत्री बैधनाथ सिंह ने कहा कि जब तक राज्य सरकार और प्रशासन उनकी मांगों पर लिखित समझौता नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
निगम कार्यालय के कामकाज पर भी असर
हड़ताल का असर नगर निगम कार्यालय के विभिन्न विभागों पर भी साफ दिखाई दे रहा है.
कार्यालयों में ताले लटकने से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आवास योजना, राशन कार्ड और अन्य नगर निगम संबंधी सेवाओं का काम प्रभावित हो गया है. इससे नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज और योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो रही है.
Purnia News: वार्ता अब तक बेनतीजा
नगर निगम प्रशासन की ओर से हड़ताल समाप्त कराने के लिए वार्ता की कोशिशें की गई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है.
यदि जल्द समझौता नहीं हुआ, तो शहर में सफाई व्यवस्था और अधिक खराब होने तथा नागरिक सेवाओं के लंबे समय तक प्रभावित रहने की आशंका है.
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लेखक के बारे में
By विकास वर्मा
विकास वर्मा प्रिंट माध्यम में 15 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं.
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