पूर्णिया के कनकई नदी के भीषण कटाव से डुमरिया गांव पर मंडराया संकट, 24 घंटे में करीब 50 मीटर जमीन नदी में समाई

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नदी कटाव | Prabhat Khabar Network

पूर्णिया के डुमरिया गांव में कनकई नदी का कटाव जारी है. 24 घंटे में 50 मीटर जमीन नदी में विलीन हो गई, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. प्रशासन से मदद की मांग.

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Purnia News: पूर्णिया जिले के बैसा प्रखंड के मालोपाड़ा पंचायत स्थित डुमरिया गांव में कनकई नदी का कटाव अब भयावह रूप ले चुका है. ग्रामीणों के अनुसार पिछले 24 घंटे में करीब 50 मीटर जमीन नदी में समा गई है. कटाव की रफ्तार इतनी तेज है कि गांव के कई घर, कृषि भूमि और आबादी वाले हिस्से पर खतरा मंडराने लगा है. लोग अपने खेत और घर बचाने के लिए खुद बांस पाइलिंग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन और जल संसाधन विभाग से तत्काल स्थायी सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग तेज हो गई है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ ही समय पहले कटाव रोकने के लिए सरकारी स्तर पर कार्य कराया गया था, लेकिन नदी ने सुरक्षा कार्य के बगल से नया रास्ता बना लिया और तेजी से गांव की ओर बढ़ने लगी. इससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है.

24 घंटे में 50 मीटर जमीन नदी में समाई

डुमरिया गांव के वार्ड संख्या 5 और 6 सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार पिछले एक दिन में करीब 50 मीटर भूमि कनकई नदी में विलीन हो चुकी है.

कई स्थानों पर नदी की धारा सीधे आबादी की ओर बढ़ रही है, जिससे लोगों को अपने घरों और खेतों के भविष्य की चिंता सताने लगी है.

सरकारी कटाव निरोधक कार्य के बगल से शुरू हुआ नया कटाव

ग्रामीणों ने बताया कि लगभग दो महीने पहले गांव को बचाने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा कटाव निरोधक कार्य कराया गया था.

लेकिन जहां तक सुरक्षा कार्य किया गया, उसके ठीक बगल से नदी ने नया कटाव शुरू कर दिया. धीरे-धीरे कटाव तेज होता गया और अब नदी गांव की ओर तेजी से बढ़ रही है.

ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर शुरू की बांस पाइलिंग

तत्काल सरकारी सहायता नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने मुखिया प्रतिनिधि मो. आरिफ आलम के सहयोग से आपसी चंदा इकट्ठा कर बांस पाइलिंग का कार्य शुरू कराया है.

गौरी चौधरी, कैला चौधरी, बटेश्वर चौधरी, घनश्याम चौधरी, बजरू चौधरी, नारायण मंडल, रामप्रसाद चौधरी और प्रकाश चौधरी सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि बांस पाइलिंग से फिलहाल कटाव रोकने का प्रयास किया जा रहा है.

स्थायी सुरक्षा नहीं मिली तो घर और खेत डूब सकते हैं

ग्रामीणों का कहना है कि बांस पाइलिंग केवल अस्थायी उपाय है. यदि जल्द बोल्डर पिचिंग और अन्य स्थायी कटाव निरोधक कार्य नहीं कराया गया, तो नदी कई घरों और सैकड़ों बीघा उपजाऊ कृषि भूमि को अपनी चपेट में ले सकती है.

किसानों का कहना है कि बरसात का मौसम उनके लिए हर साल संकट लेकर आता है और कनकई नदी का कटाव उनकी सबसे बड़ी समस्या बन चुका है.

Purnia News: प्रशासन और जल संसाधन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से तत्काल स्थल निरीक्षण कर युद्धस्तर पर कटाव निरोधक कार्य शुरू कराने की मांग की है.

उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो डुमरिया गांव का बड़ा हिस्सा नदी में समा सकता है और भारी जन-धन हानि होने की आशंका है.

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सुभाष नारायण

लेखक के बारे में

By सुभाष नारायण

सुभाष नारायण प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बैसा (पूर्णिया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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