बनमनखी में विश्व स्तनपान सप्ताह पर विशेष अभियान, विशेषज्ञों ने पहले घंटे से स्तनपान शुरू कराने का दिया संदेश
5 पूर्णिया 3-स्तनपान को लेकर आंगनबाड़ी केंद्र पर चलाया गया जागरूकता अभियान | Prabhat Khabar Network
बनमनखी में विश्व स्तनपान सप्ताह के उपलक्ष्य में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर केंद्रित जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. विशेषज्ञों ने जन्म के पहले घंटे से ही स्तनपान शुरू करने और केवल मां का दूध देने के महत्व पर ज़ोर दिया.
बनमखी(पूर्णीया) से रामदेव की रिपोर्ट
Purnia News: पूर्णिया जिले के बनमनखी प्रखंड में विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. एचएसी फाउंडेशन और आईसीडीएस विभाग के संयुक्त सहयोग से शुरू हुए इस अभियान में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं की माताओं और ग्रामीण परिवारों को स्तनपान के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है. अभियान के दौरान विशेषज्ञों ने जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करने और पहले छह माह तक केवल मां का दूध देने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया.
अभियान का शुभारंभ पंचायत रामनगर फरसाही के चानन मुसहरी, जीवच्छपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 339 से किया गया. कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं और समुदाय के अन्य सदस्यों ने भी भाग लिया और स्तनपान को बढ़ावा देने का संकल्प लिया.
पहले घंटे का स्तनपान क्यों है महत्वपूर्ण
एचएसी फाउंडेशन के प्रोजेक्ट लीड राकेश कुमार दास ने अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि जन्म के तुरंत बाद शिशु को मां का दूध मिलना उसके स्वास्थ्य और विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.
फाउंडेशन की ईसीडी विशेषज्ञ रानी कुमारी ने बताया कि जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करने और पहले छह माह तक केवल मां का दूध देने से शिशु को आवश्यक पोषण मिलता है और उसका समग्र विकास बेहतर होता है.
मस्तिष्क और शरीर के विकास में अहम भूमिका
रानी कुमारी ने कहा कि मां के दूध में ऐसे आवश्यक पोषक तत्व और जैविक घटक होते हैं जो बच्चे के मस्तिष्क के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
उन्होंने बताया कि उचित स्तनपान से बच्चे के शारीरिक, बौद्धिक, भाषा एवं संचार, सामाजिक-भावनात्मक और रचनात्मक विकास के पांचों प्रमुख क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
आगे चलकर पढ़ाई और सीखने की क्षमता पर भी असर
विशेषज्ञों के अनुसार जिन बच्चों को जीवन की शुरुआत में उचित स्तनपान मिलता है, उनमें आगे चलकर सीखने की क्षमता, एकाग्रता, याददाश्त और पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन की संभावना अधिक रहती है.
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक पोषण बच्चे के भविष्य के विकास की मजबूत नींव तैयार करता है.
मां और शिशु दोनों के लिए लाभदायक
आंगनबाड़ी सेविका संगीता ने कहा कि स्तनपान केवल शिशु ही नहीं, बल्कि मां के स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है.
उन्होंने बताया कि स्तनपान से शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, कुपोषण का खतरा कम होता है और मां-बच्चे के बीच भावनात्मक संबंध मजबूत होता है.
Purnia News: ग्रामीण महिलाओं ने लिया जागरूकता फैलाने का संकल्प
कार्यक्रम में सहायिका आरती देवी, ग्रामीण महिलाएं और समुदाय के अन्य सदस्य उपस्थित रहे.
सभी प्रतिभागियों ने अधिक से अधिक परिवारों तक स्तनपान के महत्व का संदेश पहुंचाने और नवजात शिशुओं के लिए जन्म के पहले घंटे से स्तनपान शुरू कराने के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया.
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By Prabhat Khabar News Desk
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