पूर्णिया-अररिया के यात्रियों को बड़ी राहत, कटिहार-जोगबनी होगा डबल ट्रैक, नए साल पर नई सौगात
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 02 Jan 2026 6:11 PM
AI फोटो
Rail Route Double Track: पूर्णिया- अररिया रेल मार्ग पर चलने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है. कटिहार-जोगबनी रेलखंड को डबल ट्रैक करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. सर्वे पूरा हो गया है. ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और देरी की समस्या खत्म होगी.
Rail Route Double Track: पूर्णिया-अररिया के यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. पूर्णिया से होकर गुजरने वाला कटिहार-जोगबनी रेलखंड जल्द ही डबल ट्रैक होने जा रहा है. इस रेलखंड की 108 किलोमीटर लंबी सिंगल लाइन को दोहरी लाइन में बदला जाएगा. फिलहाल सर्वे का काम पूरा हो चुका है और बाकी प्रक्रियाएं चल रही हैं.
अभी यह रेलखंड सिंगल ट्रैक होने के कारण ट्रेनों को प्लेटफॉर्म पर क्रॉसिंग करनी पड़ती है. इससे कई बार ट्रेनें देर से चलती हैं और यात्रियों का समय खराब होता है. डबल ट्रैक बनने के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी और ट्रेनें समय पर चल सकेंगी.
रेलखंड के दोहरीकरण से पूर्णिया की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी. ज्यादा ट्रेनें चलेंगी और यात्रियों को नई सुविधाएं मिलेंगी. एक ही समय में दोनों ट्रैक पर अलग-अलग ट्रेनें चल सकेंगी, जिससे भीड़ और देरी कम होगी.
इलाके का होगा विकास
कटिहार-जोगबनी रेलखंड का सीधा संबंध भारत-नेपाल सीमा से है. इस वजह से यह रेल रूट काफी महत्वपूर्ण है. डबल ट्रैक बनने से यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई में भी तेजी आएगी, जिससे रेलवे को फायदा होगा.
इस रेलखंड को डबल ट्रैक करने की मांग कई सालों से की जा रही थी, लेकिन पहले इस पर खास ध्यान नहीं दिया गया. हाल के वर्षों में रेलवे ने इस दिशा में काम शुरू किया है. 2025-26 के बजट में इसके लिए 2.16 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
नए साल में कटिहार-जोगबनी रेलखंड का दोहरीकरण पूरा होना यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी.
क्यों है महत्त्व
कटिहार-जोगबनी रेल लाइन पर पटरियों के दोहरीकरण के काम से इस पूरे इलाके के आर्थिक विकास को बहुत बड़ी मजबूती मिलेगी. यह रेल लाइन नेपाल की सीमा के बिल्कुल करीब है, इसलिए सुरक्षा और रणनीति के नजरिए से भी इसका बहुत ज्यादा महत्व है. इस बदलाव से एक तरफ जहां ट्रेनों का आना-जाना पहले से कहीं ज्यादा आसान और बेहतर हो जाएगा.
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दोहरीकरण का काम पूरा होने के बाद इस रूट पर मालगाड़ियों के साथ-साथ यात्री ट्रेनों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी. इससे न केवल नई ट्रेनें शुरू करना मुमकिन होगा, बल्कि यात्रियों के सफर का समय भी काफी कम हो जाएगा. जब यात्रा का समय बचेगा, तो रेलवे का मुनाफा भी बढ़ेगा.
क्या बोले अधिकारी
पूर्णिया जंक्शन के स्टेशन मास्टर मुन्ना कुमार ने कहा कि कटिहार-जोगबनी रेल खंड के दोहरीकरण के लिए सर्वे का काम काफी हद तक हो चुका है. दोहरीकरण के बाद इस लाइन के लिए नई ट्रेनें मिलेंगी और परिचालन में कम वक्त लगेगा. पूर्णिया और जोगबनी के बीच रेल यातायात सुगम हो जाएगा जबकि पूर्णिया के यात्रियों को पटना समेत अन्य स्थानों के लिए तेज कनेक्टिविटी मिलेगी. यात्रियों की कई सुविधाएं भी बढ़ जाएंगी.
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पूर्णिया जंक्शन के बारे में जानिए
1887 में खोला गया था पूर्णिया जंक्शन रेलवे स्टेशन
2008 में शुरू हुई थी पूर्णिया जंक्शन में बड़ी रेललाइन
30 लाख यात्रियों की आवाजाही पूर्णिया जंक्शन से एक साल में होती है
15 जोड़ी ट्रेनों का पूर्णिया जंक्शन से हो रहा परिचालन
450 करोड़ की आय एक वित्तीय वर्ष में रेलवे को सिर्फ माल ढुलाई में हुई
11 करोड़ सालाना अकेले सीमांचल एक्सप्रेस ने पूर्णिया दे रहा रेलवे को
1.44 लाख यात्री सिर्फ पूर्णिया जंक्शन से पकड़ते हैं ट्रेन
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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