शव को डिस्पोज करने के चार दिन बाद सदर पुलिस ने परिजनों को दी सूचना

Updated at : 18 Oct 2024 7:05 PM (IST)
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शव को डिस्पोज करने के चार दिन बाद सदर पुलिस ने परिजनों को दी सूचना

13 अक्टूबर को ही शव को कर दिया गया डिस्पोज

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12 अक्टूबर को परिजन द्वारा सहायक खजांची थाना में दिया था गुमशुदगी का आवेदन

13 अक्टूबर को बेलौरी के पास ट्रैक्टर के ठोकर से बाइक चालक की हुई थी मौत 13 अक्टूबर को ही शव को कर दिया गया डिस्पोज

17 अक्टूबर को शाम 4:30 बजे सदर थाने की पुलिस ने दुर्घटना की दी सूचनापूर्णिया. पुलिस की लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जिसमें दुर्घटना के बाद हुई बाइक चालक की मौत के चार दिन बाद सदर थाना द्वारा परिजन को फोन पर सूचना दी गयी. जब घर वाले थाना पहुंचे तो पता चला कि चार दिन पहले ही शव को पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम करने के बाद डिस्पोज कर दिया गया है. दरअसल, सहायक खजांची थाना क्षेत्र के रेडियो स्टेशन चौक स्थित नवरतन हाता निवासी नवीन कुमार रजक की बीते 13 अक्टूबर को सड़क हादसे में मौत हो गई. सदर थाना क्षेत्र के बेलौरी के पास ट्रैक्टर के ठोकर से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था. सूचना के बाद सदर थाने की पुलिस ने घायल को इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पहुंचायी जहां आधे घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया. इधर पुलिस ने मृतक का बाइक और ट्रैक्टर को जब्त कर थाना ले आयी.

हादसे एक दिन पूर्व गायब हुआ था

इधर, मृतक के घरवालों को हादसे की कोई भनक तक नहीं थी. जब वह घर नहीं लौटा तो उसकी पत्नी शर्मिला देवी ने पति की गुमशुदगी का आवेदन सहायक खजांची थाना में दिया. पत्नी का कहना है कि उसका पति दुर्घटना से दो दिन पहले मेला देखने के लिए घर से निकला था. उसके बाद वह लापता हो गया. इसकी सूचना 12 अक्टूबर को सहायक खजांची थाना में दी गयी.

सूचना देने में पुलिस को चार दिन

परिजनों के अनुसार नवीन कुमार रजक 13 अक्टूबर की सुबह 10:15 बजे सड़क हादसे का शिकार हुआ. पुलिस ने उसे 10:30 बजे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन बाइक के कागजात की जांच पड़ताल के बाद घरवालों को घटना की सूचना 17 अक्टूबर की शाम 4:30 बजे दी गयी. सूचना के बाद परिजन थाना पहुंचे, जहां यह कहा गया कि बाइक से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति अस्पताल में इलाजरत है. अस्पताल में नवीन कुमार रजक नहीं मिलने पर पुनः सदर थाना पहुंचे, जहां से उसे सहायक खजांची थाना भेज दिया गया. सहायक खजांची थाना में जब परिजन पहुंचे तो वहां से केहाट थाना भेजा गया. केहाट थाना से पता चला कि कोई दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति आया था, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी. परिजनों ने बताया कि केहाट पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे डिस्पोज भी कर दिया. जबकि सदर थाना में मृतक की तस्वीर भी मिली जो पुलिस द्वारा मोबाइल से लिया गया था. परिजन यह सवाल कर रहे हैं कि जब बाइक के कागजात में सभी जानकारी थी तब मौत के चार दिन बाद घर वालों को सूचना क्यों दी गई.

मृतक की पत्नी ने एसपी को दिया आवेदन

स्थानीय पुलिस की रवैये से क्षुब्ध मृतक की पत्नी ने शुक्रवार को एसपी को आवेदन देकर उन्हें सारी वातों से अवगत कराया. एसपी को दिए गये आवेदन में कहा गया है कि घर वालों को बगैर सूचना दिये किस प्रकार शव को ठिकाना लगा दिया गया और मामले की प्राथमिक की दर्ज नहीं की गई. पीड़िता एसपी से न्याय की गुहार लगाते हुए मामले की प्राथमिक दर्ज करने का अनुरोध किया है.

कहते हैं थानाध्यक्ष

मृतक के परिजन द्वारा थाना में आवेदन देने के बाद घटना की प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. मृतक के शव के बारे में पता लगाया जा रहा है.

राजीव कुमार लाल, सदर थानाध्यक्ष फोटो. 18 पूर्णिया 28- शोकाकुल मृतक के परिजन

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