काली पट्टी बांधकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने किया वक्फ बिल का विरोध

Edited by ARUN KUMAR
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काली पट्टी बांधकर

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प्रतिनिधि, अमौर. अमौर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न मस्जिदों में अलविदा जुमे की नमाज के दौरान मुस्लिम समुदाय लोगों ने वक्फ बोर्ड बिल का विरोध किया. नमाजियों ने काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की और बिल को वापस लेने की मांग की. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर यह विरोध किया गया. नमाजियों ने बिल को मुस्लिम विरोधी बताया और कहा कि वे इसे किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे. उन्होंने जेल जाने तक की चेतावनी दी. अलविदा की नमाज के दौरान कुछ मुस्लिमों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर वक्फ बिल का विरोध किया. मुस्लिमों ने कहा कि, हम देश के दुश्मन नहीं हैं, जरूरत पड़ने पर हम देश के लिए अपना खून और जान भी दे सकते हैं लेकिन वक्फ प्रॉपर्टी हमारा अधिकार है और ये बरकरार रहना चाहिए. अमौर मरकज जामा मस्जिद में नमाज के बाद बड़ी तादाद में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बाजू पर काली पट्टी बांधकर वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 का विरोध प्रदर्शन किया. दारुल उलूम अमौर के मुफ्ती शम्स तौहीद ने कहा, कि पहले जिस तरह वक्त का निज़ाम चल रहा था, वैसे ही चलता रहे. इसमें संशोधन न किया जाए. जो कानून पहले से बने हुए हैं वहीं रहे, नई कोई तब्दीली न किया जाए. उन्होंने कहा, वक्फ की जायदाद हमारे पूर्वजों की है, इसमें किसी को दखल नहीं देना चाहिए. उन्होंने कहा, हम मुल्क के दुश्मन नहीं हैं, मुल्क की तरक्की के लिए हम खून देने को तैयार हैं. लेकिन, हमारे शरीयत के हुक़ूक़ और बुजुर्गों की वक्फ की गई जायदाद/प्रॉपर्टी पर कोई भी नया कानून न बनाएं. उन्होंने कहा, हमारी दरगाहों, खानकाहों से हमेशा अमन, चैन, आपसी भाईचारे और इत्तेहाद का पैगाम दिया जाता है.

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