राजनीतिक साजिश से की गयी पप्पू यादव की गिरफ्तारी

सांसद प्रतिनिधि राजेश यादव ने उठाये पटना पुलिस की मंशा पर सवाल
सांसद प्रतिनिधि राजेश यादव ने उठाये पटना पुलिस की मंशा पर सवाल पूर्णिया. सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर सांसद प्रवक्ता राजेश यादव ने पटना पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई कानून व्यवस्था के तहत नहीं, बल्कि एक गहरी राजनीतिक साजिश के तहत की गई प्रतीत होती है. राजेश यादव ने आरोप लगाया कि जहानाबाद की नीट छात्रा के रेप और हत्या मामले में सांसद पप्पू यादव लगातार सदन से लेकर सड़क तक संघर्ष कर रहे थे, जिससे बिहार पुलिस की नाकामी उजागर हो रही थी और सरकार की भारी किरकिरी हो रही थी. इसी के बाद उन्हें निशाना बनाकर पुराना मामला उठाकर गिरफ्तारी की गई. राजेश यादव ने कहा कि जिस केस में सांसद की गिरफ्तारी हुई, उसमें बेल बॉन्ड जुलाई 2025 में ही कैंसिल हो चुका था, लेकिन उसके बाद ना कोई नोटिस भेजा गया, ना समन जारी हुआ. उन्होंने सवाल किया कि इतने महीनों तक पुलिस किस बात का इंतजार कर रही थी? सांसद जब भी पटना आते थे, पुलिस मुख्यालय को इसकी पूरी जानकारी रहती थी. वाई श्रेणी सुरक्षा प्राप्त सांसद की गतिविधियों की जानकारी प्रशासन को पहले से होती है, फिर भी कार्रवाई अचानक अब क्यों की गई? उन्होंने आगे कहा कि गिरफ्तारी सार्वजनिक रूप से हुई और सांसद पप्पू यादव ने स्वयं पुलिस से कहा था— “आप मुझे ले चलिए।” इसके बावजूद यह आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने पुलिस के काम में बाधा डाली। राजेश यादव ने कहा कि यह साफ दिखाता है कि पुलिस की मंशा गिरफ्तारी के बाद भी नए मुकदमे जोड़कर उन्हें फंसाने की है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के तुरंत बाद एक नया एफआईआर दर्ज कर देना पुलिस की दुर्भावना को उजागर करता है. उन्होंने सरकार से मांग की कि सांसद पप्पू यादव को तत्काल रिहा किया जाए, अन्यथा जनता लोकतांत्रिक तरीके से गंभीर प्रतिरोध करेगी.
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