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पुराने पूर्णिया के विकास में मनमोहन सिंह का रहा है अहम योगदान

Updated at : 27 Dec 2024 5:34 PM (IST)
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विकास में अहम योगदान रहा है

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पूर्व मंत्री मो तस्लीमुद्दीन की मांग पर इस इलाके को दिये गये कई प्रोजेक्ट

पूर्व मंत्री तस्लीमुद्दीन ने चूनापुर में पूर्व प्रधानमंत्री को सौंपा था मांगों का ज्ञापन

विशेष पैकेज की मांग पर हुई थी बात, गठित की गई थी योजना आयोग की टीम

पूर्णिया. पूर्व प्रधानमंत्री स्व. मनमोहन सिंह का पुराने पूर्णिया यानी आज प्रमंडल के सभी जिलों के विकास में अहम योगदान रहा है. पूर्व मंत्री तस्लीमुद्दीन ने यूपीए वन की सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को न केवल इस इलाके की समस्याओं से अवगत कराया था बल्कि पुस्तक के रुप में मांगों का एक ज्ञापन भी सौंपा था. इसमें स्व. सिंह ने अपनी गहरी दिलचस्पी जतायी थी और भरोसा भी दिलाया था. अहम यह है कि बाद के दिनों में महानंदा बेसिन परियोजना समेत कई प्रोजेक्ट इस इलाके को मिले. कई योजनाओं पर काम भी हुए जबकि कई अधूरे रह गये. जानकारी के अनुसार तत्कालीन प्रधानमंत्री बिहार में राजद के शासनकाल में भागलपुर जाने के लिए पूर्णिया एयरपोर्ट पर उतरे थे और यहां से अलग हेलीकॉप्टर से भागलपुर गये थे. उस समय बिहार के तत्कालीन भवन निर्माण मंत्री मो. तस्लीमुद्दीन बिहार सरकार कीओर से प्रधानमंत्री का स्वागत करने पहुंचे थे. उनके साथ एक शिष्टमंडल भी था जिसमें पार्टी कार्यकर्ता एवं शहर के बुद्धिजीवी शामिल थे. उस समय मनमोहन सिंह को जो ज्ञापन सौंपा गया था उसमें पूर्णिया व सीमांचल के जिलों को बाढ़ से बचाने के लिए महानंदा बेसिन योजना प्रमुख रुप से थी. उस समय सौंपे गये ज्ञापन में सीमांचल की स्थिति देखते हुए एम्स की मांग रखी गई थी. उस शिष्टमंडल में शामिल कांग्रेस के वरिष्ठ प्रदेश नेता वी. के. ठाकुर बताते हैं कि मनमोहन सिंह जी ने बाद के दिनों में बिहार में दूसरे एम्स कीस्वीकृति भी दी थी. इस समय अन्तर्राष्ट्रीय सीमा से सटे होने के कारण विशेष पैकेज की मांग रखी गई थी. श्री ठाकुर बताते हैं कि योजना आयोग का अध्यक्ष होने के नाते मनमोहन सिंह जी ने आयोग गठित कर एक विशेष टीम को पूर्णिया भेजा था जिसकी अनुशंसा पर कई काम हुए. इसमें नागर विमानन सेवा, मेडिकल कालेज, इंजीनियरिंग कालेज, कृषि कालेज आदि की मांग भी रखी गई थी. उस समय ज्ञापन में कटिहार-जोगबनी रेल लाईन के आमान परिवर्तन के अलावा मनिहारी घाट के निकट गंगा पर सड़क व रेल पुल निर्माण, अररिया से गलगलिया तथा जलालगढ़ से किशनगंज रेल लाईन की मांगें भी शामिल की गई थी.

फोटो- सांकेतिक

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