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पूर्णिया कृषि काॅलेज की तकनीक से राजस्थान में विकसित होगा मखाना का उत्पादन

Updated at : 20 Aug 2025 6:09 PM (IST)
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पूर्णिया कृषि काॅलेज की तकनीक से राजस्थान में विकसित होगा मखाना का उत्पादन

भोला पासवान शास्त्री कृषि काॅलेज में अन्तर्राज्यीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

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भोला पासवान शास्त्री कृषि काॅलेज में अन्तर्राज्यीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

मखाना उत्पादन की ट्रेनिंग ले रहे हैं राजस्थान के किसान व अधिकारी

राजस्थान के बॉसबाडा जिले से प्रशिक्षण लेने पहुंचे 40 अधिकारी व किसान

पूर्णिया. अब आने वाले दिनों में पूर्णिया के कृषि वैज्ञानिकों की निकाली तकनीक से राजस्थान के खेतों में मखाना का उत्पादन होगा. राजस्थान भी मखाना के कारोबार में अपनी जगह बना कर अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा. इसी मकसद से पूर्णिया के भोला पासवान शास्त्री कृषि काॅलेज में तीन दिवसीय अन्तर्राज्यीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ है. इसमें राजस्थान के बॉसबाडा जिले से आए कुल 40 अधिकारी एवं चयनित प्रगतिशील किसान भाग ले रहे हैं. इसमें राजस्थान सरकार के उद्यान संभाग द्वारा संपोषित उप निदेशक, उद्यान का सानिध्य है. पूर्णिया में प्रशिक्षण लेने के बाद राजस्थान के इलाकों में नई तकनीक से मखाना की खेती की नींव डाली जाएगी.

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के , निदेशक अनुसंधान डॉ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि मखाना उत्पादन की राजस्थान सहित देश के अन्य सभी प्रदेश में भी अपार संभावनाएं है. मखाना की अपनी सामाजिक, सांसकृतिक एवं आर्थिक पहचान है. सरकार द्वारा भौगोलिक सूचकांक प्राप्त होने के साथ ही वैश्विक स्तर पर इसकी मांग बढी है. इसके उत्पादन के साथ ही आर्थिक समृद्धि प्राप्त की जा सकती है. प्राचार्य डॉ. डी. के. महतो ने राजस्थान के अधिकारियों एवं किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि राजस्थान में कई मामलों में खेती-किसानी में भिन्नता है. बावजूद इसके प्रांत का कुछ भूभाग मखाना उत्पादन के अनुकूल है और भारत सरकार ने इसके उत्थान के लिए जी.आई. टैग प्रदत्त की है. प्रशिक्षण के दौरान मखाना उत्पादन के साथ साथ इसके प्रसंसकरण एवं मूल्य सवंर्धित उत्पाद विषय पर सैधान्तिक व व्यवहारिक ज्ञान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

सम्मानित किए गये राजस्थान के किसान

इस अवसर पर राजस्थान के बॉसबाडा से आए उद्यान उप निदेशक दलसिंह गरासिया एवं सहायक निदेशक बादामी लाल निनामा ने भी अपने विचार रखे. कार्यक्रम के दौरान कृषि के अलग-अलग क्षेत्रों में अव्वल कार्य करने वाले दो प्रगतिशील किसान संघष कटारा एवं पंकज बामनिया को शॉल ओढाकर सम्मानित किया गया. प्रशिक्षण के सह-आयोजन सचिव डॉ. आषीष रंजन ने गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं परिभ्रमण की विस्तृत तैयारी पर फोकस किया. मंच संचालन वरीय वैज्ञानिक डॉ रणवीर कुमार एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अनिल कुमार ने किया. इस मौके पर डॉ. जर्नादन प्रसाद, डॉ. नरेन्द्र कुमार शर्मा, डॉ चेतना सीके, डॉ अभिनव कुमार, डॉ जाकिर हुसैन, डॉ प्रीति सुन्दरम, डॉ अनुपम कुमारी, डॉ बाल कृष्णा आदि वैज्ञानिक मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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