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बिहार के मखाना किसानों के लिए एक वरदान साबित होेगी पूर्णिया में विकसित हार्वेस्टिंग मशीन : कुलपति

Updated at : 07 Jan 2026 6:56 PM (IST)
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बिहार के मखाना किसानों के लिए एक वरदान साबित होेगी पूर्णिया में विकसित हार्वेस्टिंग मशीन : कुलपति

भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय में विकसित हुई सबौर मखाना हार्वेस्टिंग मशीन बिहार के मखाना किसानों के लिए एक वरदान साबित होेगी.

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बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर व पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति ने किया मशीन का निरीक्षण

कृषि काॅलेज के तालाब में वैज्ञानिकों की टीम के समक्ष मखाना हार्वेस्टिंग मशीन का हुआ प्रत्यक्षण

मशीन को और भी कॉस्ट इफेक्टिभ व किसानोपयोगी बनाए जाने को ले कुलपति ने दिये सुझाव

अगले माह सबौर में आयोजित किसान मेला में मखाना हार्वेस्टिंग मशीन का किया जाएगा प्रदर्शन

वर्ष 2014 में पूर्णिया कृषि काॅलेज के वैज्ञानिकों की टीम ने किया था हार्वेस्टिंग मशीन का इनोवेषण

पूर्णिया. भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय में विकसित हुई सबौर मखाना हार्वेस्टिंग मशीन बिहार के मखाना किसानों के लिए एक वरदान साबित होेगी. इस बात पर फोकस करते हुए मशीन को और भी कॉस्ट इफेक्टिभ तथा किसानोपयोगी बनाए जाने के लिए कृषि काॅलेज के वैज्ञानिकों को बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने कई अहम सुझाव दिये. दरअसल, कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह के साथ वैज्ञानिकों की टीम ने तालाब में मखाना बुहराई के लिए विकसित की गई सबौर मखाना हार्वेस्टिंग मशीन का निरीक्षण एवं मखाना तालाब में प्रत्यक्षण का अवलोकन किया. इसमें बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ सिंह के साथ पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विवेकानंद सिंह, बिहार कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक अनुसंधान डॉ अनिल कुमार सिंह, बिहार कृषि विश्वविद्यालय के उप निदेशक प्रशासन सह विश्वविद्यालय सम्पर्क पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार मुख्य रुप से शामिल थे. इस अवसर पर कुलपति डॉ सिंह ने सबौर मखाना हार्वेस्टिंग मशीन के सफल परीक्षण के लिए टीम के वैज्ञानिकों को बधाई दी.

कृषि काॅलेज में प्रत्यक्षण के अवलोकन के दौरान कुलपति ने प्रधान सचिव, कृषि विभाग, बिहार सरकार नर्मदेश्वर लाल के भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय में इस सप्ताह के अंत में होने वाले भ्रमण को देखते हुए अच्छे तरीके से तैयार करने को निर्देश दिया ताकि किसानोपयोगी इस सबौर मखाना हार्वेस्टिंग मशीन का प्रत्यक्षण व प्रर्दशन प्रधान सचिव, कृषि विभाग के सम्मुख प्रक्षेत्र पर किया जा सके और बिहार सरकार द्वारा किसानों के लिए प्रदत्त योजना में इसका वित्तीय लाभ मिल सके. उन्होंने कहा कि इस सबौर मखाना हार्वेस्टिंग मशीन को आगामी 7-8 फरवरी को बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में आयोजित किसान मेला में भी गणमान्य लोगों के सामने प्रस्तुत किया जायेगा. इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी. के. महतो ने आये हुए तमाम अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रत्यक्षण में अधिकारियों की अगुआई की. ज्ञात हो कि मखाना बुहराई की कष्टकारी कार्य को दूर करने के लिए पहली बार वर्ष 2014 में वैज्ञानिकों की एक टीम के अथक प्रयास से सबौर मखाना हार्वेस्टिंग मशीन को इनोवेषण के तहत विकास किया.

पुष्प वाटिका व पौध नर्सरी का किया उद्घाटन

कृषि महाविद्यालय के परिसर में नवस्थापित पुष्प वाटिका, पौध नर्सरी, वन स्टुडेन्ट वन प्लॅाट का कुलपति ने उद्घाटन किया. अतिथियों के भ्रमण के दौरान महाविद्यालय के वैज्ञानिकों के साथ प्रक्षेत्र में स्थित मखाना तालाब, महाविद्यालय प्रक्षेत्र आदि का निरीक्षण किया. इस अवसर पर पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विवेकानंद सिंह ने कृषि काॅलेज सभी कृषि वैज्ञानिकों को बधाई दी तथा पूर्णिया विश्वविद्यालय के छात्रों को इनके इन्टर्नशिप में कार्य करने के लिए भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय से सहयोग की अपेक्षा जतायी. इस पर कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने सहमति दी तथा प्राचार्य कृषि महाविद्यालय को इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया. इस अवसर पर महाविद्यालय के वरीय वैज्ञानिक सहित सभी प्राध्यापक उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH CHANDRA

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