मखाना विकास में सरकार हर संभव करेगी सहयोग : नर्मदेश्वर लाल

Updated at : 11 Jan 2026 6:09 PM (IST)
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मखाना विकास में सरकार हर संभव करेगी सहयोग : नर्मदेश्वर लाल

नर्मदेश्वर लाल बोले

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कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने किया मखाना हार्वेस्टिंग मशीन का परीक्षण पूर्णिया. बिहार कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा है कि मखाने की खेती अब तालाब से लेकर खेतों में भी हो रही है. उन्होंने मखाना के क्षेत्र में वैज्ञानिक, शोधकर्ताओं के कार्यों की सराहना की तथा कहा कि मखाना विकास में सरकार हर संभव सहयोग करेगी. इससे पहले उन्होंने पूर्णिया कृषि काॅलेज में सबौर मखाना हार्वेस्टिंग मशीन का सफल परीक्षण किया. इस अवसर पर प्रधान सचिव श्री लाल ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में अगले माह होने वाले राष्ट्रीय किसान मेला का प्रोमो वीडियो तथा कृषि काॅलेज द्वारा प्रकाशित तीन पुस्तिका व अभिलेखों का विमोचन किया. प्रधान सचिव श्री लाल बीते शनिवार को पूर्णिया कृषि कालेज में खास तौर पर मखाना हार्वेस्टिंग मशीन के कार्यक्रम को लेकर पहुंचे थे. उस अवसर पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के कुलपति डॉ डीआर सिंह, कृषि विभाग पटना के पीपीएम संतोष कुमार, उप निदेशक प्रशासन सह विश्वविद्यालय संपर्क पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार, बिहार कृषि विश्वविद्यालय की छात्र कल्याण निदेशक डॉ श्वेता शांभवी एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे. इस अवसर पर कालेज के सभागार में आयोजित समारोह में कुलपति डा. डीआर सिंह ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर अन्तर्गत अनुसांगिक कृषि महाविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों अनुसंधान, प्रसार शिक्षा आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मखाना को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर खासकर भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णिया की अग्रणी भूमिका रही है. मखाना की उत्पत्ति स्थल बिहार है, यह सुपर फुड ही नहीं अब ग्लोबल सुपर फुड हो गया है. इसका विस्तार वैश्विक स्तर पर तेजी से हो रहा है. मखाना का भौगोलिक सूचकांक (जीआई टैग) प्राप्त होने तथा सबौर मखाना-1 विकसित होने से इसका क्षेत्र विस्तार दूसरे राज्यों में हो रहा है. कुलपति ने प्रधान कृषि सचिव के समक्ष अलग से मखाना अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की जरूरत बतायी और कहा कि इससे मखाना के क्षेत्र में तीव्र गति से अनुसंधान एवं नवाचार हो सकेगा. इस अवसर पर महाविद्यालय के वैज्ञानिक, डॉ. जनार्दन प्रसाद, डॉ. रणवीर कुमार, वरीय, डॉ राजकुमार साह, डॉ सुमन कल्याणी, डॉ मणिभूषण ठाकुर, डॉ अनिल कुमार, डॉ. तपन गोरई, डॉ एसआरपी सिंह, डॉ एनके शर्मा, डॉ एस दिवाकर, डॉ. अनुपम कुमारी, डॉ जय प्रकाश प्रसाद, मंच संचालक डॉ. रूबी साहा, डॉ. माचा उदय कुमार, डॉ. कंचन भामिनी, डॉ. अभिनव कुमार, डॉ शुभ लक्ष्मी, डॉ. बिभा कुमारी, डॉ. मीनू मोहन, मो. जाकिर हुसैन, डॉ. प्रीति सुन्दरम, डॉ. आशीष चौरसिया, डॉ. चुन्नी कुमारी, श्रीमती स्नेहा, डॉ. बाल कृष्ण, अमरेन्द्र कुमार, डॉ. चेतना सीके तथा कर्मचारियों में बिनोद झा, नवीन लकड़ा, श्रवण कुमार, जयदीप कुमार, सुनील कुमार, चन्द्रमणि, गजेन्द्र मंडल, दिलीप, अनुपम, प्रीतम, सुमित, मिट्ठु, लियाकत, उपेन्द्र आदि उपस्थित थे.

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