पूर्णिया. पूर्णिया की प्रसिद्ध साहित्यकार और संस्कृत की व्याख्याता डॉ निरुपमा राय की 11वीं पुस्तक के रूप में प्रकाशित उपन्यास ‘चिट्ठी वाला ढोल’ का लोकार्पण समारोह पूर्वक नागपुर सिविल लाइंस में संपन्न हुआ. मुंबई और नागपुर हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति और डॉ राय की अभिन्न मित्र शुभांगी जोशी ने इस पुस्तक का लोकार्पण किया. इसमें नागपुर शहर के कई विद्वान और विभिन्न क्षेत्रों से प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे. पंडितों ने सर्वप्रथम वैदिक स्वस्ति मंत्रों का वाचन किया. उसके बाद बड़ोदरा गुजरात से पधारीं संस्कृत की विदुषी डॉ. श्वेता जेजूरकर ने सरस्वती वंदना से समारोह का शुभारंभ किया. अद्भुत दिव्य और आध्यात्मिक माहौल में प्रथम उपन्यास का शुभ लोकार्पण संपन्न हुआ.श्रीमती जोशी ने दोनों की मित्रता से बात प्रारंभ की और कहा कि हम दसवीं में पहली बार मिले और आज इस उम्र में भी हमारी मित्रता ईश्वर की कृपा से बनी हुई है और सदा बनी भी रहे प्रभु से प्रार्थना है. उपन्यास का लोकार्पण करते हुए लेखिका और पुस्तक पर न्यायमूर्ति नेअपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि एक सरल प्रवाहमयी शैली में लिखा गया यह पहला उपन्यास, उपन्यास के क्षेत्र में एक मील का पत्थर है. भाव भाषा शब्द चयन और अनुभूति सभी का सुंदर मिश्रण इस उपन्यास में दिखता है. मेरी मित्र प्रतिभा की धनी है एक बार जब जिला परिषद चुनाव लड़ने का मौका मिला उसमें भी इसने जीत दर्ज की इस उपन्यास में उस समय की अनुभूतियों का चित्रण है जो अद्भुत है. मैं अपने इनकी चातुर्दिक सफलताओं की हार्दिक कामना करती हूं. भविष्य में इनकी और भी सार्थक रचनाएं देखने को मिलेंगी यह प्रार्थना है ।डा. श्वेता और अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे. धन्यवाद ज्ञापन ज्योत्सना झा ने किया.
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