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Purnia Weather: बदलते मौसम ने बढ़ाई स्वास्थ्य समस्याएं, अस्पतलाओं में लगी कतार

Updated at : 15 Jul 2024 6:58 PM (IST)
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Purnia Weather: बदलते मौसम ने बढ़ाई स्वास्थ्य समस्याएं, अस्पतलाओं में लगी कतार

Purnia Weather बदलते मौसम ने जिले में लोगों की स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ा दी हैं. बरसात और गर्मी के प्रकोप से नन्हे बच्चों सहित बड़े उम्र के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं.

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Purnia Weather बिहार के पूर्णिया में मौसम का मिजाज बदल गया है. गर्मी के बाद झमाझम बारिश और फिर उसके बाद उमस. मौसम के बदलते इस मौसम ने जिले में लोगों की स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ा दी हैं. बरसात और गर्मी के प्रकोप से नन्हे बच्चों सहित बड़े उम्र के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं. वायरल रोगों के संक्रमण से भी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है.

अमूमन लोग सर्दी, खांसी, बुखार एवं डायरिया के शिकार हो रहे हैं. सोमवार को राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में मरीजों की जबर्दस्त भीड़ देखी गयी. जिनमें सभी विभागों के सामने महिलाओं, बच्चों के साथ साथ पुरुषों की लंबी कतारें देर तक लगी रहीं. उधर, ओपीडी स्थित दवा काउंटर पर भी दवा लेनेवालों को अपनी बारी के आने का देर तक प्रतीक्षा करनी पड़ी. ज्यादातर लोग सर्दी, खांसी, बुखार एवं डायरिया प्रभावित नजर आये.

बारिश के बाद गर्मी से फैलता है संक्रमण

चिकित्सकों का कहना है कि बदलते मौसम में खासकर बरसात होने के बाद तेज धूप में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है.बरसात के दिनों में जलजमाव से संक्रमण तेजी फैलने का खतरा बढ़ जाता है. दूसरी ओर चीजों के सड़ने गलने के साथ साथ मच्छर मक्खियों का प्रकोप बढ़ने से भी अन्य बीमारियों को भी पनपने का बड़ा मौक़ा मिल जाता है. बीमारियों के पनपने के अलावा उसके संक्रमण का फैलाव भी बेहद द्रुत गति से होता है. विशेषज्ञों की मानें तो यह समय डेंगू वायरस वाहक मच्छर एडिश के पनपने और रोग फैलाने के लिए बिल्कुल अनुकूल मौसम है.

बरतें सावधानी

बारिश और तेज धूप से यथासंभव बचेंधूप से आकर ठंडे शीतल पेयजल से करें परहेज बासी भोजन से बचें हमेशा ताजा भोजन ही करेंमच्छर-मक्खियों को पनपने से रोकें सोते वक्त मच्छरदानी का प्रयोग करें वर्षा जल तथा कचरों को जमा न होने दें.

चिकित्सकीय सलाह

सर्दी, खांसी, बुखार की स्थिति में मरीज को किसी ख़ास जगह इत्मीनान से रखेंप्रभावित व्यक्ति से छोटे बच्चों को दूर रखें डायरिया की स्थिति में शरीर से निर्जलीकरण न होने देंओआरएस अथवा नमक चीनी का घोल तैयार कर लगातार पिलाएं

खुद इलाज करने से बचें 

इन दिनों जीएमसीएच में सर्दी, खांसी, बुखार और डायरिया प्रभावित बच्चों के मामले ज्यादा आ रहे हैं. उनके लिए विशेष सावधानी के रूप में खानपान, आसपास की साफ़ सफाई और सुरक्षात्मक उपायों पर ध्यान देने की जरूरत है. इन दिनों डेंगू के भी फैलने का खतरा रहता है इस वजह से भी कहीं पानी जमा न हो इसका ध्यान सभी को रखना होगा. डॉ. प्रेम प्रकाश, शिशुरोग विशेषज्ञ जीएमसीएच

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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