आज से करें एकसाथ 12 ज्योतिर्लिंगों के दिव्य दर्शन, भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ शंखनाद

Updated at : 14 Mar 2026 6:28 PM (IST)
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आज से करें एकसाथ 12 ज्योतिर्लिंगों के दिव्य दर्शन, भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ शंखनाद

पूर्णिया

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पूर्णिया. शहर के आध्यात्मिक वातावरण को एक नई ऊंचाई देते हुए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की स्थानीय शाखा द्वारा पहली बार भव्य ”द्वादश ज्योतिर्लिंग मेला” का आयोजन किया जा रहा है. इस महोत्सव की पूर्व संध्या पर शनिवार को शहर में आकर्षक शोभायात्रा निकाली गयी. जिसने पूरे शहर को शिवमय कर दिया. शोभायात्रा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण सुंदर झांकियां और शिव भक्ति के गीत रहे. पूर्णिया शाखा की मुख्य संचालिका बीके मुकुट मणि के कुशल नेतृत्व में यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी. यात्रा के दौरान शांति, सद्भावना और राजयोग के माध्यम से ईश्वरीय संदेश को जन-जन तक पहुंचाया गया. शोभायात्रा में आकर्षक रथ पर स्थापित शिवलिंग को श्रद्धालु सफेद वस्त्र धारण किए ब्रह्मावत्स ””हर-हर महादेव”” के जयघोष के साथ चल रहे थे. जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया. पूर्णिया शाखा की बीके. मुकुट मणि ने बताया कि रविवार से शुरू होने वाले इस मेले में भारत के विभिन्न कोनों में स्थित बारह ज्योतिर्लिंगों की हूबहू प्रतिकृतियां स्थापित की गयी हैं. श्रद्धालुओं को सोमनाथ से लेकर विश्वनाथ तक, सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन एक ही पंडाल के नीचे करने का अवसर मिलेगा. प्रत्येक ज्योतिर्लिंग के आध्यात्मिक महत्व और उनके पीछे छिपे ईश्वरीय रहस्यों को विस्तार से समझाया जाएगा. मेले में राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से तनावमुक्ति और मन की शांति प्राप्त करने के लिए विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गयी है. यह मेला आम जनता के लिए पूरी तरह निशुल्क है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें. यह मेला शहर के टैक्सी स्टैंड नजदीक राजस्थान सेवा समिति परिसर में 15 मार्च से 21 मार्च तक द्वादश ज्योतिर्लिंग दिव्य दर्शन मेला का आयोजन किया जा रहा है. इसको लेकर राजस्थान सेवा समिति भवन व परिसर को भव्य रूप दिया गया है. पूर्णिया में आयोजित यह आध्यात्मिक मेला लोगों को एक ही स्थान पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराने के साथ-साथ मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और तनावमुक्त जीवन की प्रेरणा देने का माध्यम बनेगा. सनातन आध्यात्मिक परंपरा से जुड़े ऐसे आयोजन समाज में धार्मिक आस्था, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. संचालिका मुकुट मणि ने कहा की परमपिता शिव परमात्मा के अवतरण का यह संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस मेले का आयोजन किया गया है. द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से ही मन में सात्विक विचारों का उदय होता है. हम पूर्णिया वासियों से आग्रह करते हैं कि वे इस आध्यात्मिक कुंभ का हिस्सा बनें.

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