पूर्णिया के किसी एक विभूति के नाम पर हो एयरपोर्ट का नामाकरण

Published by : ARUN KUMAR Updated At : 12 Sep 2025 5:00 PM

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सांसद ने पीएम को लिखा पत्र

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पूर्णिया हवाई अड्डे के नामकरण को लेकर सांसद ने पीएम को लिखा पत्र पूर्णिया. सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पूर्णिया हवाई अड्डे का नामकरण स्वतंत्रता सेनानी एवं बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री स्वर्गीय भोला पासवान शास्त्री जी के नाम पर करने का आग्रह किया है. पत्र की प्रतिलिपि उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू को भी भेजी है. सांसद यादव ने कहा कि पूर्णिया और सीमांचल की धरती ने देश को कई महान विभूतियां दी हैं, जिनका योगदान राजनीति, साहित्य, समाज और अध्यात्म सभी क्षेत्रों में अमूल्य रहा है. ऐसे में पूर्णिया हवाई अड्डा केवल एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि क्षेत्र की संस्कृति, इतिहास और पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का अवसर है. उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया कि स्व. भोला पासवान शास्त्री का जीवन संघर्ष, त्याग और सामाजिक न्याय की लड़ाई का प्रतीक रहा है. 1914 में पूर्णिया जिले के केनगर प्रखंड के बैरगाछी गांव में जन्मे शास्त्री जी ने कठिन परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त कर संस्कृत विद्वान के रूप में पहचान बनायी. स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी और मुख्यमंत्री के रूप में वंचितों की आवाज़ को सत्ता तक पहुंचाना उन्हें ‘गरीबों का मसीहा’बनाता है. सांसद यादव ने बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. डॉ. लक्ष्मी नारायण सुधांशु जी का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि सुधांशु जी ने अपने कार्यकाल में लोकतंत्र और संसदीय परंपरा को नई दिशा दी. वे मर्यादा, सादगी और उच्च आदर्शों के प्रतीक थे और सीमांचल सहित पूरे बिहार के विकास के प्रति उनका दृष्टिकोण प्रेरणादायी रहा. पत्र में साहित्य जगत का भी जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि माता रेणु जी ने सीमांचल के लोकजीवन और संस्कृति को साहित्यिक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई. वे केवल फणीश्वरनाथ रेणु जी की धर्मपत्नी ही नहीं, बल्कि स्वयं एक सृजनशील लेखिका थीं, जिन्होंने समाज में महिलाओं की चेतना और भूमिका को नयी पहचान दी. सांसद पप्पू यादव ने महर्षि मेंही जी को भी याद किया, जो संतमत के महान प्रवर्तक, साधना और मानव एकता के संदेशवाहक थे. उन्होंने कहा कि महर्षि मेंही जी का जीवन समाज में शांति, सद्भाव और समरसता का प्रतीक रहा है और वे केवल धार्मिक गुरु नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना के महान मार्गदर्शक भी थे. अपने पत्र के अंत में सांसद यादव ने आग्रह किया कि पूर्णिया हवाई अड्डे का नामकरण यदि इन विभूतियों में से किसी एक के नाम पर किया जाए तो यह न केवल क्षेत्र की जनता की भावनाओं का सम्मान होगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बिहार और सीमांचल की विरासत को गौरवान्वित करेगा.

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