एमबीबीएस से पहले 6 सीट पर डीएनबी के कोर्स शुरू होने के आसार
Updated at : 18 Dec 2019 4:38 AM (IST)
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पूर्णिया : पूर्णिया में एमबीबीएस की 100 सीट के मेडिकल कॉलेज के लिए आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है. हालांकि एमबीबीएस से पहले 6 सीट पर डीएनबी का कोर्स शुरू होने के आसार हैं. डीएनबी तीन साल का पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स है. यह एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसन) के समकक्ष होता है.इस कोर्स को शुरू […]
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पूर्णिया : पूर्णिया में एमबीबीएस की 100 सीट के मेडिकल कॉलेज के लिए आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है. हालांकि एमबीबीएस से पहले 6 सीट पर डीएनबी का कोर्स शुरू होने के आसार हैं. डीएनबी तीन साल का पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स है.
यह एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसन) के समकक्ष होता है.इस कोर्स को शुरू करने की अनुमति नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन देती है. जानकारी के मुताबिक सदर अस्पताल में मेडिसिन, सर्जरी और ऑथोपेडिक या एनेस्थिसिया विषय पर डीएनबी कोर्स शुरू करने की योजना है.
इसे लेकर अस्पताल में मौजूद सुविधाएं, डॉक्टरों की संख्या समेत पूरी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी गयी हैं. अब विशेषज्ञों की टीम के आने का इंतजार है जिसके निरीक्षण के बाद डीएनबी कोर्स शुरू हो जायेगा. इस कोर्स के संचालन में फिलहाल भागलपुर मेडिकल कॉलेज सहयोग करेगा.
मेडिकल कॉलेज का निर्माण प्रगति पर
बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड की ओर से केंद्र प्रायोजित योजना के तहत सदर अस्पताल परिसर में 100 एमबीबीएस सीट के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं 600 बेड के अस्पताल को स्वरूप प्रदान किया जा रहा है. निर्माण पर 365.58 करोड़ खर्च होगा जिसमें केंद्र का अंश 113.40 करोड़ व राज्य का अंश 252.18 करोड़ बताया जा रहा है. मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य काफी तेजी से हो रहा है.
161 साल की स्वास्थ्य सेवा का सफरनामा
वर्ष 1858 में सदर अस्पताल की स्थापना हुई. 100 किमी परिधि के लोग तबसे लाभान्वित हो रहे हैं. नेपाल व बंगाल तक स्वास्थ्य सेवा का लाभ पहुंचा है. 7 जनवरी 2012 को मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दी और सदर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की.
वर्ष 2014-15 में 189 करोड़ की योजना से फाइल दौड़नी शुरू हुई. 17 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने केंद्रीय योजना का लोकार्पण किया. 4 मार्च 2019 को सदर अस्पताल परिसर में निर्माण कार्य की आधारशिला रखी गयी.
161 साल की स्वास्थ्य सेवा का सफरनामा
वर्ष 1858 में सदर अस्पताल की स्थापना हुई. 100 किमी परिधि के लोग तबसे लाभान्वित हो रहे हैं. नेपाल व बंगाल तक स्वास्थ्य सेवा का लाभ पहुंचा है. 7 जनवरी 2012 को मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दी और सदर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की.
वर्ष 2014-15 में 189 करोड़ की योजना से फाइल दौड़नी शुरू हुई. 17 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने केंद्रीय योजना का लोकार्पण किया. 4 मार्च 2019 को सदर अस्पताल परिसर में निर्माण कार्य की आधारशिला रखी गयी.
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