पूर्वोत्तर भारत के कांवरियों का पसंदीदा पड़ाव बना है गुलाबबाग का जीरोमाइल चौक, करते हैं विश्राम

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पूर्णिया : शहर के गुलाबबाग का जीरोमाइल चौक पूर्वोत्तर भारत के कांवरियों का प्रमुख पड़ाव केंद्र बना हुआ है जहां सुबह से शाम तक बोल बम और हरहर महादेव के जयकारा गूंजता रहता है. यहां पिछले बीस दिनों से असम, मेघालय, अरुणाचल, बंगाल के अलावा नेपाल के कांवरियों की जमघट लग रही है. भजन-कीर्तन से […]

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पूर्णिया : शहर के गुलाबबाग का जीरोमाइल चौक पूर्वोत्तर भारत के कांवरियों का प्रमुख पड़ाव केंद्र बना हुआ है जहां सुबह से शाम तक बोल बम और हरहर महादेव के जयकारा गूंजता रहता है. यहां पिछले बीस दिनों से असम, मेघालय, अरुणाचल, बंगाल के अलावा नेपाल के कांवरियों की जमघट लग रही है.

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भजन-कीर्तन से जीरोमाइल चौक का पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा है. दरअसल, जीरोमाइल चौक स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में कांवरिया शिविर लगी हुई है. यहां पिछले कई दशकों से मंदिर कमेटी द्वारा इस शिविर का आयोजन किया जा रहा है जो शहरी क्षेत्र का एकमात्र कांवरिया शिविर है.
यहां मंदिर कमेटी के सभी सदस्य और आसपास के नागरिक पूरी तन्मयता से कांवरियों की सेवा करते हैं. यही वजह है कि गुलाबबाग का जीरोमाइल चौक पूर्वोत्तर भारत के कांवरियों का पसंदीदा पड़ाव बन गया है.
सावन शुरू होते ही यहां देशी -विदेशी कांवरियों की जमघट लगनी शुरू हो जाती है. देवघर जाने और फिर आने के क्रम में कांवरिये यहां पड़ाव डालना नहीं भूलते. देवघर में बाबा भोले को जलाभिषेक करने के बाद वापसी में वे यहां भगवान पंचमुखी हनुमान का दर्शन करते हैं. पूरा सावन भर यहां बोल बम का जयकारा गूंजता रहता है.
दशकों से लगायी जा रही शिविर
गुलाबबाग का जीरोमाइल चौक स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में दशकों से कांवरियों के लिए शिविर लगायी जाती है. यहां पूरा समाज कांवरियों की सेवा तन्मयता से करता है.
बालेश्वर यादव, देवेन्द्र चोपड़ा, राजू दर्वे, दिलीप यादव, नकूल रस्तोगी, देवेन्द्र गुप्ता, विजय चौधरी, भीम चौधरी, राजेश लाहोटी, मिठाई पांडे, जनार्दन त्रिवेदी आदि समेत जीरोमाइल चौक के तमाम छोटे-बड़े व्यापारी खुद कांवरियों की सेवा में तैनात रहते हैं.
सारी व्यवस्था आपस के सहयोग से होती है. यहां शुद्ध पेयजल से लेकर भोजन तक की व्यवस्था की जाती है. चिकित्सा सुविधा के लिए डाक्टर और कंपाउंडर ही नहीं मुफ्त दवा का भी यहां इंतजाम रखा जाता है. वैसे, डाक्टरों के विभिन्न संगठनों द्वारा भी अलग-अलग हेल्थ कैंप लगाये जाते हैं.
पूर्वोत्तर का टर्निंग प्वाइंट है शिविर
जीरोमाइल चौक नेपाल, भूटान, असम, पश्चिम बंगाल एवं पूर्वोत्तर के अन्य इलाकों के कांवरियों के लिए टर्निंग प्वाइंट है. नेपाल और पूर्वोत्तर भारत के कांवरियों के लिए सड़क मार्ग से देवघर जाने का यह एकमात्र रुट है. यही वजह है कि पूर्णिया के गुलाबबाग का यह पड़ाव इन दिनों पूरी तरह शिवमय हो गया है. पूर्णिया शहर या आस पास के इलाकों में गुलाबबाग जीरोमाइल के अलावा पूर्णिया परिक्षेत्र में कांवरियों के लिए दूसरा कोई पड़ाव नहीं है और यही कारण है कि इधर से आने-जाने वाले कांवरिया अनिवार्य रूप से यहां पड़ाव डालते हैं.
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