बक्सर जेल में 35 कैदियों को खाद बनाने की दी जा रही ट्रेनिंग, जेल से छूटने के बाद करेंगे रोजगार

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Bihar News: बक्सर जेल से बाहर आने पर कैदी के अंदर एक हुनर होगा. वह अपराध को छोड़ कर नयी दिशा में काम करने के लिए प्रेरित होगा और अपना रोजगार कर सकेंगे.

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बक्सर से बड़ी खबर सामने आ रही है. बक्सर सेंट्रल जेल में कैदियों को जेल से छूटने के बाद रोजगार शुरू करने को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है. सजा पूरी करने के बाद बंदियों को पुनः समाज की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए कारा प्रशासन के द्वारा पहल की जा रही है. पहले बैच में 35 कैदियों को गोपालन तथा केंचुआ खाद निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण प्राप्त बंदी जेल से बाहर आने के बाद बैंक के द्वारा ऋण प्राप्त कर रोजगार करेंगे. प्रशिक्षक ग्रामीण स्वरोजगार संस्थान बक्सर की तरफ से देकर कैदियों को प्रमाण पत्र भी दिया गया.

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35 कैदियों को खाद बनाने की दी जा रही ट्रेनिंग

एलडीएम ने कहा कि बक्सर जेल में कैदियों के लिए स्वरोजगार की ट्रेनिंग दी गयी. इस दौरान बताया गया कि प्रशिक्षण प्राप्त बंदी अटल पेंशन योजना तथा बीमा योजना का भी लाभ ले सकेंगे. कारा अधीक्षक राजीव कुमार द्वारा बताया गया कि जेल में बंद कैदी कुछ सीख नहीं पाते. उनके मन में कई तरह के विचार चलते रहते हैं. कार्यक्रम का उद्देश्य उनके मन को डायवर्ट कर आत्मनिर्भर बनाना है.

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अपराध को छोड़ कर काम करने के लिए किया जा रहा प्रेरित

जेल से बाहर आने पर कैदी के अंदर एक हुनर होगा. वह अपराध को छोड़ कर नयी दिशा में काम करने के लिए प्रेरित होगा और अपना रोजगार कर सकेंगे. इसके लिए सरकार की तरफ से उन्हें लोन भी मिलेगा. कार्यक्रम में आरसेटी के निदेशक मनीष दुबे, अग्रणी बैंक प्रबंधक कार्यालय के अनिल कुमार एवं प्रशिक्षक आराधना तथा कारा प्रशासन की तरफ से अधीक्षक राजीव कुमार, उपाधीक्षक त्रिभुवन सिंह, सहायक अधीक्षक अभिषेक आनंद एवं शिव सागर समेत कई कारा कर्मी मौजूद रहे.

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