पटना के होटल में पीएनबी बैंक के मैनेजर ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में तीन लोगों पर लगाया प्रताड़ित करने का आरोप

सुसाइड नोट में मैनेजर ने गाजियाबाद के इंदिरापूरम वार्ड पार्षद कपिल त्यागी, वीरेण भारद्वाज व आनंद पर प्रताड़ित करने के कारण सुसाइड करने का आरोप लगाया है.
पटना. कोतवाली थाने के पटना जंक्शन गोलंबर के समीप होटल सिटी सेंटर में दानापुर पीएनबी बैंक के मैनेजर अखिलेश कुमार ने फांसी के फंदे पर झूल कर आत्महत्या कर ली. अखिलेश कुमार का घर कंकड़बाग थाने के इंदिरा नगर में स्थित है. वे शुक्रवार को अपने घर से परिजनों को यह बता कर निकले थे कि बैंक जा रहे हैं. लेकिन वे सीधे सिटी सेंटर होटल पहुंचे और कमरा लेकर सुसाइड कर लिया. होटल से घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली थाना पुलिस पहुंची. इसके बाद शव को बरामद करने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया और फिर परिजनों के हवाले कर दिया गया.
पुलिस ने होटल के कमरे से सुसाइड नोट भी बरामद किया है. उस नोट में मैनेजर ने गाजियाबाद के इंदिरापूरम वार्ड पार्षद कपिल त्यागी, वीरेण भारद्वाज व आनंद पर प्रताड़ित करने के कारण सुसाइड करने का आरोप लगाया है. कोतवाली थाना के थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि परिजनों को शव दे दिया गया है. सुसाइड लेटर व परिजनों के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया जायेगा. जिन तीन लोगों के नाम सुसाइड नोट में हैं, इनके खिलाफ बैंक पहले भी मामला दर्ज करा चुका है.
बताया जाता है कि बैंक मैनेजर शुक्रवार को दिन में होटल सिटी सेंटर पहुंचे और पटना के बजाय गाजियाबाद का पहचान पत्र जमा कर होटल में कमरा ले लिया. होटल कर्मियों को उन्होंने यह जानकारी नहीं दी कि वे मूल रूप से पटना के रहने वाले हैं. उन्होंने केवल यह बताया कि वे गाजियाबाद से अपने ऑफिस के काम से पटना आये हैं. इसके बाद होटल में उन्हें कमरा दे दिया. लेकिन उन्होंने इस दौरान कुछ कमरों को देखा और उसमें रहने से इन्कार कर दिया. इसके बाद उन्होंने पांचवें तल्ले पर किनारे में रहे एक कमरे को पसंद किया और उसकी चाबी ले ली.
शनिवार को उनका चेकआउट होना था, क्योंकि उन्होंने एक ही दिन के लिए कमरा बुक किया था. होटल कर्मियों ने कमरे में इंटरकॉम के माध्यम से कॉल करना शुरू कर दिया, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला. इसके बाद एक कर्मी उनके कमरे में गया और काफी देर खटखटाने के बाद भी किसी प्रकार का रिस्पांस नहीं मिला तो कोतवाली पुलिस को मामले की जानकारी दी गयी. कमरा अंदर से बंद था और उसे पुलिस ने किसी तरह से होटल प्रशासन की मदद से खोला. अंदर बैंक मैनेजर फांसी के फंदे से झूल रहे थे. जबकि घर से निकलने के दौरान उन्होंने परिजनों को बताया था कि बैंक जा रहे हैं. वे देर रात जब घर नहीं पहुंचे, तो परिजनों ने कंकड़बाग थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज करा दिया था.
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पीएनबी मैनेजर ने सारी घटना का जिक्र अपने सुसाइड नोट में किया है. उन्हाेंने नोट में यह जानकारी दी है कि वे नोएडा सेक्टर 22 में 2013 से 2017 तक पीएनबी में मैनेजर के पद पर थे. इस दौरान वीरेण भारद्वाज नाम के व्यक्ति ने गलत कागजात को मॉर्गेज कर लोन ले लिया था. इसके बाद गाजियाबाद इंदिरापूरम के पार्षद कपिल त्यागी और आनंद ने उन पर स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी थी. साथ ही कपिल त्यागी आनंद को एनपीए के तहत पैसा देने का दबाव बना रहा था. इसके कारण वे काफी परेशान थे. नोट में उन्होंने यह भी लिखा है कि बैंक के मेरे सीनियर मुझे माफ करेंगे. मुझसे जानबूझकर गलती नहीं हुई है. साथ ही उन्होंने अपनी मां, पत्नी, भाई और बच्चों से भी माफी मांगी है.
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