पीएमसीएच की नर्स को मकान मालिक ने घर आने से किया मना, 12 दिनों से सहकर्मी के यहां रहने को मजबूर

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पीएमसीएच की नर्स को मकान मालिक ने घर आने से किया मना, 12 दिनों से सहकर्मी के यहां रहने को मजबूर

कोरोना से जंग में अग्रिम मोर्चे पर डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्य कर्मी है. लेकिन समाज के कुछ लोगों के असंवेदनशील रवैये के कारण उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है. उन लोगों को मकान मालिकों द्वारा घर आने से मना किया जा रहा है.

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पटना. कोरोना से जंग में अग्रिम मोर्चे पर डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्य कर्मी है. लेकिन समाज के कुछ लोगों के असंवेदनशील रवैये के कारण उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है. उन लोगों को मकान मालिकों द्वारा घर आने से मना किया जा रहा है. ताजा मामला पीएमसीएच की एक नर्स का है. लॉकडाउन के अगले ही दिन उनके मकान मालिक ने उन्हें घर आने से मना कर दिया है. पटना के खेमनीचक में यह नर्स किराये के मकान में रहती थीं. मकान मालिक का कहना है कि आप यो तो पीएमसीएच में ड्यूटी करो या फिर घर में रहो. ड्यूटी करोगी तो घर में घुसने नहीं देंगे. यह नर्स पीएमसीएच में ही कार्यरत अपनी सहेली और बिहार ए ग्रेड नर्सेज एसोसिएशन की महासचिव प्रमिला कुमारी के घर पर 12 दिनों से रहने को मजबूर है.

नर्स ने बताया कि लॉकडाउन के अगले ही दिन मै जब पीएमसीएच में ड्यूटी कर रही थी, तब मकान मालिक का फोन आया कि आप आज से घर मत आइयेगा. अगर आयी तो ताला नहीं खोला जाएगा. मकान मालिक ने कहा कि आपका समान सुरक्षित है. और कोरोना खत्म होने के बाद आप आ सकती है. लेकिन, जब तक आप कोरोना संकट में पीएमसीएच में ड्यूटी कर रही है, तब तक यहा मत आइयेगा. वह बताती है कि यह सुनने के बाद अगले कई दिनों तक मै डिप्रेशन में चली गयी. इन दिनों अपनी सहेली के घर पर रह रही हूं. अच्छी बात मेरे साथ यही रही कि परिवार के सदस्य नालंदा स्थित गांव गये हुए है और अब भी सब गांव में है. वह कहती है कि मैने मकान मालिक को काफी समझाया भी कि मेरी ड्यूटी कोरोना आइशोलेशन वार्ड में नहीं है. पीएमसीएच में कोई भी कोरोना का मरीज इस समय नहीं है.

प्रशासन से शिकायत करने की भी बात कही, लेकिन मकान मालिक अपने फैसले पर अडिग है. फिर शिकायत इसलिये नहीं की कि कहीं इससे नाराज होकर वह घर से सामान भी निकालने को न बोल दें. ऐसा हुआ तो इस समय कोई घर भी नहीं देगा. यही सब सोच कर चुप हो गयी. परिवार और रिश्तेदार को भी नहीं बताया है. क्योकि वो परेशान हो जाएंगे. वहीं, इस घटना के बारे में बिहार ए ग्रेड नर्सेंज एसोसिएशन की महासचिव प्रमिला कुमारी कहती है कि वह नर्स अभी मेरे घर पर ही रह रही है. कोरोना के कारण ऐसी परेशानी इन दिनों कई और नर्सों के साथ भी हो रही है. दीघा से आने वाली पीएमसीएच की एक और नर्स को मकान मालिक परेशान कर रहा है. वे कहती है कि बेहतर होगा कि सरकार हम लोगों को फ्लैट मुहैया करवाये. जिससे बिना किसी परेशानी के हम मरीजों की सेवा कर सकें. वहीं इस बारे में पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ बीके कारक ने कहा कि मेरे पास ऐसा कोई मामला अभी नहीं आया है. अगर संबंधित नर्स हमें इस तरह की शिकायत करती है तो उनकी परेशानी दूर करने की कोशिश की जाएगी.

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राधेश्याम कुशवाहा

लेखक के बारे में

By राधेश्याम कुशवाहा

राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.

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