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कोरोना में लगा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना पर ग्रहण, UP से भी पिछड़ा बिहार

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना
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कोरोना ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना पर ग्रहण लगा दिया हैं. बिहार में श्रम संसाधन विभाग के दिशा निर्देश पर भी योजना से मजदूरों को जोड़ने में बिहार अन्य पांच राज्यों से पीछे हैं. वहीं,यह भी देखा जा रहा है कि यूपी योजना में दूसरे स्थान पर हैं यानी देश में हरियाणा इस योजना के तहत मजदूरों को जोड़ने में सबसे आगे हैं. विभाग की ओर से अधिकारियों के साथ योजना के प्रचार प्रसार को लेकर बैठक होती है, लक्ष्य भी निर्धारित किया जाता है, लेकिन लोगों को योजना से जोड़ने में अधिकारी पीछे ही रह जाते हैं.

इन्हें कराना है निबंधन- पीएम श्रम योगी मानधन योजना के तहत 18 से 40 साल के मजदूर अपना निबंधन करा सकते हैं. इसमें रिक्शा, ठेला चालक, सब्जी के विक्रेता सहित असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले सभी तरह के कामगार अपना निबंधन करा सकते हैं . योजना में 18 साल से कम उम्र के कामगारों को हर महीने 55 रुपये तो अधिकतम 40 साल के कामगारों को 200 महीना देना है.

यह मिलेगा लाभ- कामगार जितना अपनी ओर से अंशदान करते हैं उतना ही अंशदान सरकार करती है. 60 साल के बाद मजदूरों को हर महीने 3000 मासिक पेंशन दिया जायेगा. 15000 से कम आमदनी वाले कामगार ही इस योजना के योग्य हैं. कामगारों की मौत होने पर उनके परिजनों को पारिवारिक पेंशन का लाभ मिलेगा. अगर इस दौरान किसी की मासिक आमदनी 15,000 से अधिक हो जाये तो उनकी ओर से जमा की गई राशि बचत योजना के ब्याज के हिसाब से वापस कर दी जायेगी.

लगभग दो करोड़ लोगों का हुआ था आकलन- वित्तीय वर्ष 2019-20 के आम बजट में इसकी घोषणा की गयी. उस समय यह आकलन था कि देश में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले 10 करोड़ लोगों को लाभ होगा. बिहार में लगभग दो करोड़ लोगों के होने का आकलन किया गया था.

बिहार छठे स्थान पर हैं- देश में चल रही योजना में बिहार अभी छठे पायदान पर है. बिहार में इसको लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है,बावजूद इसके इस योजना में बिहार पीछे हैं. आकडो के मुताबिक बिहार में अभी तक दो लाख लोग भी नहीं जुड़ सके. सबसे ऊपर हरियाणा तो दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश जबकि महाराष्ट्र तीसरे पायदान पर है.

तीन जून तक राज्यवार निबंधन

हरियाणा 807559

उत्तर प्रदेश 619996

महाराष्ट्र 588351

गुजरात 368680

छत्तीसगढ़ 208393

बिहार 193723

Posted By : Avinish Kumar Mishra

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Published Date

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