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Bihar Politics: "सम्राट चौधरी को बर्खास्त करें PM मोदी, वह नरसंहार के आरोपी", जन सुराज की प्रधानमंत्री को चिट्ठी

Updated at : 30 Sep 2025 5:17 PM (IST)
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लेफ्ट में प्रशांत किशोर राइट में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी

लेफ्ट में प्रशांत किशोर राइट में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी

Bihar Politics: जन सुराज पार्टी ने मंगलवार को पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को नरसंहार का अभियुक्त बताया है. इसके साथ ही जन सुराज ने पीएम से मांग किया है कि सम्राट चौधरी को तुरंत उनके पद से वह बर्खास्त करें.

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Bihar Politics: जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. पार्टी के अध्यक्ष ने अपने पत्र में लिखा है सम्राट चौधरी लौना परसा नरसंहार केस में गलत दस्तावेज पेश कर खुद को नाबालिग बताए और जेल से रिहा हुए, इनका उच्च पद पर बने रहना कानून के राज में जनता का विश्वास कम करेगा. 

कई महीनों तक जेल में रहे हैं सम्राट चौधरी: उदय सिंह 

उदय सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सम्राट चौधरी का नाम 28 मार्च 1995 को हुए लौना परसा नरसंहार (केस संख्या 44/1995, थाना तारापुर) में अभियुक्त के रूप में दर्ज है, जिसमें कुशवाहा समुदाय के छह लोगों की हत्या हुई थी. इस मामले में सम्राट चौधरी सहित छह अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. वे कई महीनों तक जेल में रहे, उनकी जमानत दो बार खारिज हुई थी. उन्होंने मैट्रिक के प्रवेश पत्र के आधार पर अपनी उम्र 15 वर्ष साबित की और नाबालिग का दर्जा पाकर रिहा हो गए.

डिप्टी सीएम पर लगाया हेर फेर का आरोप 

लेकिन, बाद के चुनावी हलफनामों में उन्होंने अपना जन्मवर्ष 1969 बताया, जिससे 2020 में उनकी उम्र 51 वर्ष हो जाती है. इससे यह स्पष्ट है कि सन 1995 में उनकी उम्र 26 वर्ष थी, यानी वे नाबालिग नहीं थे. यह विरोधाभास इस बात का भी संकेत है कि गलत डॉक्यूमेंट पेश कर उनकी जेल से रिहाई कराई गई और एक गंभीर अपराध से बचने का प्रयास हुआ. इस प्रकार के व्यक्ति का उच्च पद पर बना रहना न केवल शासन की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि कानून के राज और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास भी कम करता है. 

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मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग 

उदय सिंह ने अपने पत्र के आखिरी में लिखा है, इसलिए आपसे विनम्र अनुरोध है कि सम्राट चौधरी को तत्काल मंत्री पद से बर्खास्त करें और कानून को अपना स्वाभाविक मार्ग अपनाने दें ताकि इस नरसंहार के पीड़ितों को न्याय मिल सके. मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व में ऐसे मुद्दों को उचित गंभीरता एवं सत्य, न्याय एवं सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही की भावना के साथ सुलझाया जाएगा. 

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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