Pitru paksha 2022: शराबबंदी वाले बिहार में दारू से तीर्थयात्री कर रहे पिंडदान, जानें क्या है पूरा मामला

Updated at : 14 Sep 2022 2:52 PM (IST)
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Pitru paksha 2022: शराबबंदी वाले बिहार में  दारू से तीर्थयात्री कर रहे पिंडदान, जानें क्या है पूरा मामला

Pitru paksha में गया में तीर्थयात्रियों के द्वारा शराब से तर्पण करने का मामला सामने आया है. पिंडदान के लिए लौंग, इलयांची,कसेली,हल्दी और विदेशी शराब का प्रयोग किया जा रहा है. गयाजी में पिंडदान करने की परंपरा के इतिहास में पहली बार विदेशी शराब से पिंडदान व तर्पण करने की वीडियो कैमरे में कैद हुई है.

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Pitru paksha को लेकर बिहार के गया में तीर्थयात्रियों की भीड़ लगी हुई है. शहर से करीब 10 किमी दूर प्रेतशिला पहाड़ पर गाजीपुर से आए तीर्थयात्रियों के द्वारा अनोखे तरीके से पिंडदान की जा रही है. पिंडदान के लिए लौंग, इलयांची,कसेली,हल्दी और विदेशी शराब का प्रयोग किया जा रहा है.शराबबंदी वाले बिहार में खुलेआम प्रेतशिला पिंडवेदी पर विदेशी शराब से तर्पण की जा रही है. गयाजी में पिंडदान करने की परंपरा के इतिहास में पहली बार विदेशी शराब से पिंडदान व तर्पण करने की वीडियो कैमरे में कैद हुई है.

तीर्थयात्री ने कहा पंडा के कहने पर मंगवाई शराब

गाजीपुर से आए तीर्थयात्री महावीर प्रसाद जायसवाल ने बताया कि कि बचपन में ही उनके माता पिता की मृत्यु हो गई थी. वो पिंडदान करने के लिए पहली बार गया आए हैं. गया के पंडा से उन्होंने बातचीत की जिसके कहने पर गाजीपुर से पितरों के श्राद्ध के लिए विदेशी शराब,लौंग, कसैली आदि पूजन का समान खुद लेकर आए हैं. साथ में रहे रमाशंकर गुप्ता बताते है कि उनके पितर शराब पीते है. ऐसे में मृत पितरों को खुश करने के लिए विदेशी शराब को लेकर आएं. इसके बाद 975 फीट ऊंचे प्रेतशीला पहाड़ पर पिंडदान व तर्पण करने पहुंचे है.

अकाल मृत्यु वालों का होता है यहां पिंडदान

गया में आयोजित होने वाले पितृ पक्ष मेले में देश विदेश से लाखों की संख्या में हिंदू सनातन धर्मावलंबी यहां आकर पितरों के उद्धार और मोक्ष के लिए पिंड दान करते हैं. यहां कर्मकांड और तर्पण से पितरों को शांति मिलती है. ऐसी मान्यता है कि पितृ पक्ष के दौरान मृत पितृ 15 दिनों के लिए गया आते हैं. उनके लिए पिंडदान व तर्पण करने से उन्हें ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है. वहीं प्रेतशिला में भी पिंडदान का विधान व परंपरा है. यहां वैसे मृत पितरों का पिंडदान होता है जिनकी अकाल मृत्यु, दुर्घटना में मौत, जलने से मौत या जन्म के साथ ही मृत्यु आदि के कारण हुई हो. इससे उन्हें प्रेत योनि से मुक्ति मिलती है.

जांच कर होगी कार्रवाई: सहायक आयुक्त

उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त प्रेम प्रकाश ने बताया की पितृपक्ष मेला के दौरान दूसरे राज्यों से आए वाहनों की जांच उत्पाद विभाग के द्वारा की जा रही है. प्रेतशिला में शराब से तर्पण किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा की ऐसी सूचना मिलती है तो आगे की कार्यवाई की जाएगी.

इनपुट- पंकज

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